राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) के घोटाले में सरकार ने पूर्व कुलपति प्रो. सुनील कुमार को निलंबित कर दिया है। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने आदेश जारी किए। बता दें एबीवीपी ने आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगा कर मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया था। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने आदेश में लिखा कि प्रो. सुनील कुमार के कुलपति रहते यूनिवर्सिटी की राशि अनधिकृत और आपराधिक रूप से निजी खातों में डालने के आरोप प्राथमिक रूप से सही पाए गए हैं। निलंबन अवधि में प्रो. सुनील कुमार का मुख्यालय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रीवा रहेगा। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता रहेगी। इस मामले में पूर्व रजिस्ट्रार आरएस राजपूत को पहले ही सरकार ने निलंबित कर दिया। बता दें, पूर्व कुलपति सुनील कुमार, रजिस्ट्रार आरएस राजपूत, सेवानिवृत्ति फाइनेंस कंट्रोलर ऋषिकेश वर्मा फरार है। तीनों पर पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपए की है और लुकआउट नोटिस जारी किया है। साथ ही पुलिस आरोपियों की संपत्ति की कुर्की की भी तैयारी कर रही है। आरोपियों ने यूनिवर्सिटी के 19.48 करोड़ रुपये निजी खातों में डाले थे। इसकी जांच में पुष्टि हुई। इसके बाद मामले में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाई
पुलिस ने फरार पूर्व कुलपति, पूर्व रजिस्ट्रार और सेवानिवृत्त फाइनेंस कंट्रोलर की तलाश में अलग-अलग टीमें बनाई है। यह टीमें लगातार आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी कर रही है। आरोपियों के परिजनों से भी पूछताछ कर उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने बैंक कर्मचारी आरोपी कुमार मंयक, दलित संघ सुहागपुर के सदस्य सुनील रघुवंशी और तत्कालीन एक्सेस बैंक मैनेजर रामकुमार रघुवंशी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
एबीवीपी के प्रदर्शन के बाद कार्रवाई
यूनिवर्सिटी के घोटाले के एक महीने बाद भी ना तो सरकार और ना पुलिस की तरफ से आरोपियों को लेकर कोई ठोस कार्रवाई की जा रही थी। इस मामले में एबीवीपी के सदस्यों ने पूर्व कुलपति, पूर्व रजिस्ट्रार और सेवानिवृत्त फाइनेंस कंट्रोलर को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगा कर मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया था। इसके बाद पुलिस और सरकार दोनों ने गंभीरता दिखाई। पुलिस की तरफ से आरोपियों के परिजनों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, सरकार ने पूर्व कुलपति को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।