स्कूल की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध साहित्य भी मिला।
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दमोह के गंगा जमना स्कूल मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। स्कूल में हिंदू बच्चियों को डरा धमका कर हिजाब पहनाया जा रहा था। सरकार ने स्कूल की मान्यता रद्द करने के बाद अब संचालकों पर एफआईआर दर्ज करा दी है। उधर, डीईओ पर स्याही फेंकने वालों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हो गई है।
दमोह के पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद गंगा जमना स्कूल के संचालकों के खिलाफ किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 और धारा 295 क और 506 के तहत कोतवाली थाने में केस दर्ज किया है। इस मामले की जांच की जा रही है।
स्याही फेंकने पर तीनों भाजपा नेता फंसे
डीईओ पर स्याही फेंकने वाले भाजपा नेताओं पर भी मंगलवार रात जिला शिक्षा अधिकारी एसके मिश्रा ने दमोह कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दी। इसमें तीनों भाजपा पदाधिकारियों के विरुद्ध शासकीय कार्य में व्यवधान सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दमोह एसपी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि एसके मिश्रा के आवेदन के बाद कोतवाली में भाजपा नेता अमित बजाज, मोंटी रैकवार, संदीप शर्मा के विरुद्ध शासकीय कार्य में व्यवधान, व्यक्ति का अपमान करने के इरादे से हमला करना, किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकने आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत दर्ज करा दी गई है।
डीईओ ने बताई सच्चाई
डीईओ एसके मिश्रा मिश्रा का कहना है कि उन्होंने गंगा जमना स्कूल को कोई क्लीनचिट नहीं दी। ये कार्रवाई उन्होंने नहीं की। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जा रही है। मिश्रा का आरोप है कि भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित बजाज ठेकेदार है। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बिलगुवा में मरम्मत का काम उसकी फर्म वर्धमान कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया था। बिल विलंब से पेश करने पर राशि लैप्स हो गई थी। इस बात पर नाराज होकर उसने स्याही फेंकने की घटना को अंजाम दिया।