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MP: बड़े मंत्री की पैरवी से भोपाल में 'सेट' होना चाहता था फर्जी डॉक्टर एन जॉन कैम, बातचीत में ही खुल गया राज

Wed, 09 Apr 2025 05:35 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

दमोह में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट के खुलासे ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी डॉक्टर एन जॉन कैम ने एक बड़े मंत्री की पैरवी से भोपाल में भी दो साल पहले सेट होने का प्रयास किया था। हालांकि उसकी बातचीत में ही उसका राज खुल गया था, जिससे वह अपने योजना में सफल नहीं हो सका था। 
 
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मध्य प्रदेश के दमोह की मौतों का जिम्मेदार फर्जी डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दमोह पुलिस ने फर्जी कॉर्डियोलॉजिस्ट एन जॉन कैम को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। उसे अदालत ने पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। प्रारंभिक जांच में उसकी डिग्री फर्जी पाई गई है। डॉक्टर के बारे में अब एक और खुलासा हुआ है। उसने दो साल पहले एक बड़े मंत्री की पैरवी से भोपाल में सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में नौकरी पाने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सका था। दरअसल, नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ एन जॉन कैम खुद को विदेशी बताकर लोगों को धोखा देता था। वह कुछ सालों से भाजपा के समर्थन में पोस्ट कर रहा था।  इस वजह से वह कई नेताओं के संपर्क में आ गया। इसका फायदा उठा कर वह भोपाल के बड़े अस्पताल में नौकरी पाने की कोशिश भी कर रहा था। इसमें कुछ हद तक वह सफल भी होता दिख रहा था।
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सूत्रों के अनुसार, पिछली सरकार के एक बड़े मंत्री की मदद से आरोपी डॉक्टर सरकारी नौकरी या नामी प्राइवेट अस्पताल में नौकरी पाने की कोशिश में लगा था, लेकिन उसके हावभाव पर शक होने पर मंत्री को पहले ही अलर्ट कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने डॉ एन जॉन कैम से दूरी बना ली।  इस वजह से आरोपी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव भोपाल में सफल नहीं हो पाया। भोपाल के स्मार्ट सिटी अस्पताल के डॉ. विजय सक्सेना ने बताया कि दो साल पहले नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ एन जॉन कैम उनके अस्पताल में भी नौकरी को लेकर मिलने आया था। उनको उसके हावभाव  ठीक नहीं लगे, जिसके बाद उन्होंने उसे कोई जवाब नहीं दिया। 
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फर्जी डॉक्टर पुलिस की हिरासत में 
एन जॉन कैम को दमोह पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट के सामने पेश किया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।  पुलिस की टीम उससे पूछताछ करने के साथ उसके दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। फिलहाल प्रारंभिक जांच में उसने यूके में भी फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है। यह भी पता चला है कि नरेंद्र विक्रमादित्य यादव ने धर्म परिवर्तन किया है। एन जॉन कैम की असलियत सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं. क्या वह पहले भी लोगों को धोखा दे चुका है? उसकी नकली डिग्रियों से कितने लोगों को नुकसान हुआ है? पुलिस इन सभी सवालों के जवाब ढूंढने का प्रयास कर रही है।

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