मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (फाइल फोटो)
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मध्यप्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इसकी घोषणा की। प्रदेश में 4667 पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय अब 4000 प्रतिमाह से बढ़ाकर 8000 प्रतिमाह कर दिया गया है। इस निर्णय से जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को और गति मिलेगी। पेसा मोबिलाइजर्स पिछले आठ माह से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
पेसा मोबिलाइजर्स का मानदेय दोगुना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम जनजातीय वर्ग के कल्याण हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्यरत हैं। इसी के साथ सरकार का एक और संकल्प पूर्ण हुआ। उन्होंने पेसा मोबिलाइजर्स को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि इस निर्णय से जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की सशक्त भूमिका और मजबूत होगी।
पेसा मोबिलाइजर का है यह काम
बता दें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में प्रदेश में पेसा एक्ट लागू हुआ था। इसके अंतर्गत आदिवासी ब्लॉकों की हर ग्राम पंचायत में पेसा मोबिलाइजर की नियुक्ति की गई। इनकी मोबिलाइजर का काम जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को मजबूत बनाने में मदद करना है। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का काम भी करते है। ग्राम सभाओं का आयोजन करना और उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। प्रदेश के 20 जिलों के 89 विकासखंडों में पेसा एक्ट वर्ष 2022 में लागू किया गया था।