दिग्विजय सिंह-शिवराज सिंह चौहान
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप तेज होते जा रहे है। इसी कड़ी में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने वित्त विभाग के अधिकारियों को सचेत रहने की सलाह देते हुए चेतावनी दी है। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा का एजेंडा पूरा करने के लिए आंकड़ों में बाजीगरी की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर जांच कराएंगे और गड़बड़ करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार कर कहा कि कांग्रेस वाले खबरा रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने वित्त विभाग पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि 137 योजनाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं में भी बजट को अघोषित तौर पर रोककर भाजपा के चुनावी एजेंडे में सरकार का पैसा डायवर्ट किया जा रहा है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के अधिकारियों को प्रदेश के आर्थिक हालात को देखते हुए सचेत रहने की आवश्यकता है। भाजपा के चुनावी एजेंडा को पूरा करने के लिए वित्त विभाग के आला अधिकारी आंकड़ों की बाजीगरी कर प्रदेश की पहले से डगमगाई वित्तीय हालत को और हानि पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण योजनाओं में भी बजट को अघोषित तौर पर रोककर भाजपा के चुनावी एजेंडे में सरकार का पैसा डायवर्ट किया जा रहा है। इस तरह वित्त विभाग के आला अधिकारी कई महत्वपूर्ण खर्चे को वर्तमान के लिए डालकर भविष्य के लिए बड़ी देनदारी खड़ी कर रहे है। सिंह ने कहा कि मुझे सूचना मिली है कि इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निचले अधिकारियों पर मनमाफिक नोटशीट लिखने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कई विभागों की कई निधियां जो वित्त विभाग के पास संधारित है, उसमें से अघोषित तौर पर वित्त विभाग द्वारा सरकार के चुनावी एजेंडे हेतु पैसा खर्च कर दिया गया है। जिसके कारण प्रदेश का वास्तविक ऋण वित्त विभाग द्वारा दिखाए गए आंकड़े से कहीं ज्यादा है।
जनता को सुविधा नहीं देते, इसलिए कुर्सी से उतर गए
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गंजबसौदा में जन आशीर्वाद यात्रा में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर पलटवार किया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस वाले घबरा भी रहे हैं। आज दिग्विजय सिंह ने एक ट्वीट कर वित्त विभाग के अधिकारियों को धमकी दी। बोले पैसा कहां से आ रहा है। सीएम ने कहा मेरी बहनों, जब कमलनाथ सवा साल मुख्यमंत्री थे तो रोते ही रहते थे, मैं क्या करूं। मेरे पास पैसे ही नहीं हैं। तो सुन ले कांग्रेस वालों तुम रोते थे, तुम कहते थे हमारे पास पैसे ही नहीं है मामा कहता है छाती ठोक कर मेरे पास पैसों की कमी नहीं है। ये काम तो बहुत आसान है मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ कर रोते रहो हम क्या करें पैसा ही नहीं है। तो मुख्यमंत्री की कुर्सी से उतर जाओ क्यों बैठो हो! जनता को सुविधा नहीं देते, इसलिए तो कुर्सी से उतर गए।