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MP News: भोपाल में पं. धीरेंद्र शास्त्री 27-28 सितं. को सुनाएंगे हनुमंत कथा, 55 एकड़ में बनेगा कथा स्थल

Tue, 19 Sep 2023 04:02 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

राजधानी भोपाल में बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री 27 और 28 सितंबर को हनुमंत कथा सुनाएंगे। इससे पहले 26 सितंबर को अन्ना नगर से 20 किमी शोभा यात्रा निकलेगी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि 28 सितंबर को पं. धीरेंद्र शास्त्री का दिव्य दरबार लगेगा। 
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धीरेंद्र शास्त्री - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भोपाल में स्व. कैलाश सारंग एवं उनकी धर्मपत्नी प्रसून सारंग की स्मृति बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री 27 और 28 सितंबर को दोपहर दो बजे से हनुमंत कथा सुनाएंगे। आयोजन की तैयारी को लेकर मंगलवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि हनुमंत कथा के आयोजन के लिए नरेला विधानसभा के अंतर्गत पीपुल्स मॉल के पीछे करोंद्र स्थित 55 एकड़ परिसर में कथा स्थल बनाया गया है। कथा में देशभर से लगभग 10 लाख लोगों के आने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि 28 सितंबर को सुबह 10 बजे दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा। 
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26 सितंबर को 20 किमी लंबी शोभा यात्रा निकलेगी
सारंग ने बताया कि पं. धीरेंद्र शास्त्री 26 सितंबर को भोपाल पहुंचेंगे। इस अवसर पर करीब पांच हजार वाहनों के काफिले के साथ 20 किमी लंबी शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभा यात्रा दोपहर तीन बजे नरेला विधानसभा के अन्ना नगर से प्रारंभ होकर कैलाश नगर, रचना नगर, ओल्ड सुभाष नगर, पंजाबी बाग, परिहार चौराहा, अशोक विहार, महामाई बाग, स्टेशन, चांदबड़, सेमरा मंडी, सुभाष कॉलोनी, सम्राट कॉलोनी होते हुए अशोक गार्डन स्थित विवेकानंद पार्क पर समाप्त होगी। इस दौरान 300 से अधिक सामाजिक संगठनों द्वारा करीब 1500 स्वागत मंचों से पं. धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत किया जाएगा। वहीं, पं. शास्त्री का 28 सितंबर को कथा विराम दिवस पर सुबह 10 बजे दिव्य दरबार लगेगा। 

50 हजार वर्ग फीट में वॉटरप्रूफ डोम 
भोपालमें अब तक एक लाख से अधिक लोगों को आमंत्रण पत्र वितरित किए गए है। 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के देशभर से शामिल होने का अनुमान है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए 50 हजार वर्ग फीट में वॉटरप्रूफ डोम लगाए जा रहे हैं। पंडालों में आने के लिए 11 द्वार बनाएं गए हैं। प्रवेश द्वार पर नियंत्रण कक्ष भी बनाएं गए हैं। दो दिवसीय कथा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए भेजन एवं ठहरने के लिए 300 से अधिक सामाजिक संगठनों ने धर्मशालाओं में व्यवस्था की है। इसके अलावा कथा स्थल पर नाश्ते, पेयजल और चिकित्सा शिविरों की भी व्यवस्था रहेंगी। 
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पांच हजार सेवादार संभालेंगे व्यवस्था 
नरेला उत्सव समिति ने अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए समितियों का गठन किया है। यह समिति पंडाल, पेयजल, भोजन, यातायात, स्वास्थ्य प्रचार से लेकर प्रशासनिक समन्वय तक सभी व्यवस्थाएं संभालेंगी। इन समितियों के समन्वय के लिए एक मुख्य नियंत्रण कक्ष भी होगा। 
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यह व्यवस्था रहेगी- 
- 200 एकड़ क्षेत्र में 12 प्रकार की व्यवस्था की गई है, जहां 40 हजार दो पहिया और चार पहिया वाहन पार्क हो सकेंगे। 
- दो किमी दूर पार्किंग से और रेलवे स्टेशन से कथा स्थल तक श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क बसों की सुविधा रहेंगी। 
- 200 से ज्यादा कूलर और पंखे कथा स्थल पर पंडालों में लगाए जाएंगे 
-100 से अधिक बड़े एलईडी लगाए जा रहे हैं 
- 20 चिकित्सा शिविर भी लगाए जाएंगे। 
- बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरनें के लिए पांडाल में व्यवस्था की जाएगी। 
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