श्रम विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपी एक अधिकारी को प्रदेश के श्रम मंत्री का विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) बना दिया गया। मामला सामने आने के बाद नियुक्ति आदेश निरस्त कर दिया गया। अब विभाग के प्रमुख पूरी छानबीन के बाद ही नए ओएसडी की तैनाती करेंगे।
बता दें, श्रम विभाग ने मंत्री प्रहलाद पटेल का ओएसडी इंदौर में उप श्रमायुक्त लक्ष्मीप्रसाद पाठक को बनाने का आदेश जारी किया था।लक्ष्मीप्रसाद पाठक के खिलाफ लोकायुक्त में भ्रष्टाचार के मामले में केस दर्ज है। उनके खिलाफ आरोप सही होने पर विभाग से अभियोजन की स्वीकृति भी मांगी गई है। इस संबंध में नवंबर 2023 में लोकायुक्त ने श्रम सचिव को पत्र लिखकर न्यायालय में अभियोजन प्रस्तुत करने के लिए स्वीकृति मांगी थी। इसकी स्वीकृति अब तक नहीं मिली है। इस बीच श्रम विभाग ने आदेश जारी कर पाठक को अपने वर्तमान कार्य के साथ श्रम मंत्री की निजी स्थापना में ओएसडी बना दिया।
मंत्री ने निरस्त कराया आदेश
यह मामला सामने आने के बाद श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने आदेश को निरस्त करा दिया। अभी शासन ने अस्थाई रूप से बैतूल में श्रम पदाधिकारी धम्मदीप भगत को वर्तमान कार्य के साथ-साथ श्रम मंत्री की निजी स्थापना में ओएसडी पदस्थ किया है।
पूरी तरह जांच कर नियुक्ति करें : पटेल
इस आदेश को श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने सोशल मीडिया पर साझा कर लिखा कि श्रम मंत्रालय भोपाल ने जिन महानुभाव को मेरे साथ अस्थायी तौर पर अटैच किया था, उन पर लोकायुक्त जांच के समाचार के बाद पुन: अस्थायी व्यवस्था की गई है। मंत्री ने आगे लिखा कि मेरा स्पष्ट मत है कि विभाग के प्रमुख जिम्मेदारी लेकर पूरी छानबीन के बाद ही नियुक्ति करें, ताकि स्थायी या अस्थायी व्यवस्था पूर्णत: बेदाग रहे।