राज्य सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्ति के विवाद के समाधान के लिए सात मंत्रियों और राज्य मंत्रियों की कमेटी बनाई है। दरअसल, अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को अनुसूचित जनजाति और जाति के छात्रों से कम छात्रवृत्ति मिलने को लेकर खींचतान चल रही है। अब सरकार मंत्री समूह की रिपोर्ट के आधार पर फैसला करेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्री समूह के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाएंगे। यह समिति एक सप्ताह में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को अलग-अलग विभागों की तरफ से मिलने वाली छात्रवृत्ति योजना के सरलीकरण, एकरूपता और छात्रावास व्यवस्था में सुधार के संबंध में एक सप्ताह में अपनी अनुशंसाएं जनजातीय कार्य विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रस्तुत करेगी।
विजय शाह की अध्यक्षता में बनी समिति
शासन की तरफ से जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह को कमेटी का सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा अनुसूचित जाति कल्याण, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री, चिकित्सा शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी सदस्य बनाया गया है।