मध्य प्रदेश में अगस्त माह में बारिश नहीं होने से कई फसले प्रभावित हो रही है। इसकी चपेट में करीब 40 जिले आ गए है। इससे निपटने के लिए सरकार भी अब सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों की बैठक बुलाकर पेयजल व्यवस्था सुचारू करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि वह सोमवार को महाकाल मंदिर में भगवान से प्रदेश में बारिश के लिए प्रार्थना करेंगे। रविवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय स्थित समत्व भवन में अल्पवर्षा की स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अल्पवर्षा के कारण प्रदेश में खरीफ फसलों के बचाने, बिजली की बढ़ती मांग, ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने और पेयजल की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से जारी रखने की संभावित चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार पूरी ताकत से काम करेगी। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगस्त माह में वर्षा बहुत कम हुई है। कम बारिश से प्रदेश के 40 जिले प्रभावित हो गए है। अल्पवर्षा के कारण फसलें प्रभावित हो रही हैं। खरीफ की फसलें कुछ स्थानों में सोयाबीन, धान की फसल संकट में हैं। इस संकट की स्थिति से निपटने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। बिजली की डिमांड भी बढ़ गई है। इसके लिए बेहतर व्यवस्था भी करेंगे। डेम से पानी छोड़कर फसलों को बचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाता रहेगा। पेयजल और निस्तार के पानी की व्यवस्था करेंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल उपयोगिता समिति की बैठक जल्द कर लें। जहां पानी उपलब्ध है वहां डेम से पानी छोड़ने की व्यवस्था करें। डेमों का परीक्षण कर लें। डेमों में अभी कितना पानी उपलब्ध है, इसकी जानकारी भी लें। जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। किसानों को सिंचाई के संबंध में एडवाइजरी जारी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली की बेहतर व्यवस्था करें।