मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के रासायनिक कचरे के निष्तारण को लेकर चल रहे विरोध पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग वोट की राजनीति के लिए झूठी अफवाहें फैला रहे हैं, जिसकी वे निंदा करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी भी नागरिक के जीवन को खतरे में डालना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत कचरे का निष्तारण वैज्ञानिक मार्गदर्शन में किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गलतफहमी फैलाता है, तो हमें उससे बचने की आवश्यकता है, क्योंकि यह नई पीढ़ी के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों के जीवन की सुरक्षा है और तुरंत कचरे को जलाने का निर्णय नहीं लिया गया है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि 40 साल बाद भी, जिनके कार्यकाल में भोपाल गैस कांड हुआ था, उनके दल के लोग आज भी इस घटना का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। वो 40 साल बाद भी बाज नहीं आ रहे हैं। उनका इस घटना से सबक लेना चाहिए। कम से कम वैज्ञानिकों पर भरोसा करें। सुप्रीम कोर्ट और कोर्ट पर भरोसे करें।
बता दें पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के 337 टन कचरे के निपटान के खिलाफ लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को बंद के आह्वान के बीच दो लोगों ने खुद को आग लगा ली, उनको अस्पताल में भर्ती किया गया है। इससे एक दिन पहले भी मुख्यमंत्री ने लोगों से सरकार के सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के निर्देश में काम करने की बात कर भरोसा रखने को कहा था।