सीएम डॉ. मोहन यादव
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मंत्रालय में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की समीक्षा बैठक ली। इसमें मुख्यमंत्री ने कई अहम निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों के लिए औद्योगिक संस्थानों में भूमि विकास के साथ ही सीवरेज व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दिलवाना सुनिश्चित किया जाए। उद्यमियों को आवश्यक अनुमतियों के लिए भी विभाग द्वारा निरंतर समीक्षा की जाए। छोटे उद्योगों और छोटे उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी साप्ताहिक रूप से समीक्षा बैठक करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन जिलों में पावरलूम सेक्टर में विकास की संभावना है वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाएं।
उज्जैयिनी विक्रम व्यापार मेले में 2765.25 करोड का व्यापार
बैठक में सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग की ओर से प्रजेंटेशन में बताया गया कि इस वर्ष ग्वालियर व्यापार मेले में 1800 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ। वहीं, उज्जैयिनी विक्रम व्यापार मेले में 2765.25 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। महिला उद्यमी सम्मेलन भोपाल में 700 से अधिक महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया। लघु उद्योग भारती देवास इंडस्ट्रियल कॉनक्लेव में भी एमएसएमई विभाग ने भूमिका निभाई। पावरलूम के साथ ही गारमेंट्स, टेक्सटाइल, फार्मा फर्नीचर और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में विशेष कार्य प्रारंभ किया गया है। एमएसएमई सेक्टर में कुल 850 इकाइयों को 275 करोड रुपये की राशि गत अगस्त माह में प्रदान की गई है।
भोपाल में स्टार्टअप केंद्र की स्थापना की गई
प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कुल 2168 स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। प्रदेश में कुल साढे चार हजार स्टार्टअप और 70 इनक्यूबेटर स्थापित किए गए हैं। भोपाल में स्टार्टअप केंद्र की स्थापना की गई है। पिछले दो साल में अधिमान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या में 150% की वृद्धि हुई है। भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश को लीडर श्रेणी में स्थान मिला है। अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स से अनुबंध किया गया है जिससे राज्य शासन ने 2.25 करोड़ निवेश किया है। इससे प्रदेश के तीन स्टार्टअप के लिए 11 करोड रुपये का निवेश किया गया है।