पूर्व सीएम कमलनाथ और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
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एक दिन बाद फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व सीएम कमलनाथ से दो सवाल पूछे। उन्होंने कहा, 'मैं सवाल इसलिए पूछ रहा क्योंकि कमलनाथ झूठ बोलते हैं। कांग्रेस झूठे वादे करती है। इस पर कमलनाथ ने पलटवार कर कहा, 'कल सवाल कम पढ़ गए थे क्या? या हिम्मत जवाब दे गई थी।'
मुख्यमंत्री चौहान ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत हम मध्य प्रदेश के 80 लाख किसानों के खाते में 4 हजार रुपये की राशि दो किश्तों में डालते हैं। एक संभाग में हम राशि डाल चुके हैं। आज 73 लाख किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपए की राशि विदिशा से डाली जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 6 हजार रुपये किसानों के खाते में डालते हैं और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत दो किश्तों चार हजार रुपये हम मध्य प्रदेश के किसानों के खाते में डालते है। यदि 10 हजार रुपये का हिसाब लगाया जाए तो 5 साल में एक किसान के खाते में 50 हजार रुपये सीधे-सीधे पहुंचता हैं। छोटे किसानों के लिए दोनों योजनाएं वरदान हैं।
पात्र किसानों की सूची लटकाते रहे कमलनाथ
सीएम ने कहा, 'मैं कमलनाथ जी से पहला प्रश्न यह पूछ रहा हैं कि पीएम किसान सम्मान निधि में प्रधानमंत्री पैसा दे रहे थे, तब कमलनाथ जी आप पात्र किसानों की सूची लटकाते रहे। वे सूची मांगते रहे। आपका क्या बिगड़ रहा था जब सभी किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 6 हजार रुपये आते? इन्होंने सूची अपूर्ण दी और मांगने पर भी नहीं दी। हमने आते ही उस सूची को पूर्ण किया और 80 हजार किसान योजना से जुड़ गए। यह कमलनाथ जी को बताना था कि नाम जोड़े क्यों नहीं गए? आपको तकलीफ क्या थी? मैं आज एक और सवाल पूछ रहा हूं कि आपने कहा था कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान तीन दिन के अंदर किसान जैसा चाहेगा कर दिया जाएगा। कमलनाथ जी भुगतान तो दूर आपने तो खरीदी तक पूरी नहीं की। मैं सवाल इसलिए पूछ रहा हूं कि कमलनाथ झूठ बोलते है। कांग्रेस झूठे वादे करती है। ताकि सनद रहें कि यह जो बोलते है वो नहीं करते हैं।
किसानों के पास सम्मान निधि लौटाने के नोटिस क्यों आ रहे : कमलनाथ
पीसीसी चीफ और पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा, 'शिवराज जी आज दो सवाल पूछने से पहले यह तो बता देते कि कल सवाल कम पड़ गए थे या हिम्मत जवाब दे गई थी? मेरा सीधा सवाल है कि पीएम सम्मान निधि में लाखों किसानों के पास पैसा वापस करने का नोटिस क्यों आ रहा है? क्या आपने जानबूझकर किसानों को कर्ज के जाल में फंसा देने के लिए यह चाल चली है? क्या इस रकम की रिकवरी किसानों से ना करा कर आप अपनी जेब से करेंगे? दूसरा सवाल, 'मैंने किसानों को गेहूं पर 160 रुपये बोनस दिया था। आपकी सौदेबाजी की सरकार बनते ही आप ने किसानों का बोनस बंद कर दिया। किसानों से आपको इतनी दुश्मनी क्यों है? इसका जवाब मध्य प्रदेश के किसान आप से चाहते हैं?