मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव का मतदान पूरा होने के बाद दूसरी बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को मंत्रालय पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्य सचिव, डीजीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की। सीएम ने अधिकारियों को गर्मी के मौसम में पेयजल से जुड़ी लोगों की कठिनाईयों को शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के माध्यम से तुरंत निराकरण करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में हैंडपंपों की मरम्मत का काम होना है, वहां प्राथमिकता से सुधार कार्य करवाए। सीएम ने कहा कि पारंपरिक जल स्त्रोतों का समुचित उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान संचालित कर पेयजल स्रोतों को उपयोगी बनाने पर ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग और नगरीय विकास एवं आवास विभाग आमजन के लिए पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं नगरीय विकास एवं आवास विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में किए गए पेयजल प्रबंध की जानकारी दी।
हर सप्ताह हो रही पेयजल प्रबंध की समीक्षा
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मनरेगा और वाटरशेड के कार्य से जल स्रोतों के री-स्ट्रक्चर पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग आगामी वर्षा काल के लिए भी योजना तैयार कर चुका है, जिससे लोगों को शुद्ध पेयजल मिले और जल जनित रोगों की रोकथाम हो सके। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि शासकीय विभाग परस्पर समन्वय से नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता के हित में सभी जरूरी कार्य पूर्ण करें। इस अवसर पर जानकारी दी गई की प्रदेश के 400 से अधिक नगरीय निकायों में सुचारू जलापूर्ति का कार्य किया जा रहा है। प्रति सप्ताह पेयजल प्रबंध की समीक्षा भी मुख्य सचिव के स्तर पर और विभाग स्तर पर की जा रही है।
25 जून तक गेहूं उपार्जन का कार्य होगा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रहे गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में भी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की। इस दौरान बताया गया कि प्रदेश में 15 मार्च से गेहूं उपार्जन का कार्य चल रहा है। सप्ताह में सभी दिन यह कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। चमक विहीन गेहूं में 50 प्रतिशत खरीदी की अनुमति भारत सरकार से प्राप्त हुई है। सभी संभागों में आगामी 25 जून तक गेहूं उपार्जन का कार्य किया जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्हें समर्थन मूल्य के साथ ही बोनस राशि के भुगतान की व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने गेहूं के सुरक्षित भंडारण के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।
वित्त विभाग ने बजट पर चर्चा की शुरू
वहीं, वित्त विभाग ने मंगलवार से प्रदेश के सभी 56 विभागों के साथ चर्चा शुरू कर दी है। पहले दिन उच्च शिक्षा, ऊर्जा, कुटर ग्रामोद्योग, नवीनीकरण ऊर्जा विभाग के साथ हो गई है। यह चर्चा अलग-अलग विभाग के साथ पांच जून तक चलेगी। बता दें वित्त विभाग ने पूर्ण बजट को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। विभागों से बजट प्रस्ताव मंगाने पत्र लिख दिया गया है। जिसकी विभागों ने तैयारी भी शुरू कर दी है।