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गजब कर गए: बिना एक दाना गेहूं रेलवे रैक प्वाइंट पहुंचे ही कागजों में दर्ज...और उधर 13 ट्रक गायब, गिरी गाज

Tue, 21 May 2024 05:39 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सतना/भोपाल

सार

मध्यप्रदेश के सतना जिले में किसानों की गेहूं खरीदी गड़बड़ी मामले में राज्य सरकार ने बड़ा एक्शन लेते हुए जिला प्रबंधक अमित गौड़ को निलंबित कर दिया है। यहां 13 ट्रक गेहूं गायब होने की जांच के बाद FIR दर्ज की गई थी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मध्यप्रदेश में विंध्य क्षेत्र के सतना जिला में किसानों की गेहूं खरीदी में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। मामले में अब राज्य सरकार द्वारा बड़ा एक्शन लिया गया है। खरीदी में गड़बड़ी करने वाले जिला प्रबंधक अमित गौड़ को निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार, गेहूं खरीदी में 13 ट्रक गेहूं गायब होने की जांच के बाद FIR दर्ज की गई थी और अब राज्य सरकार ने संज्ञान लिया है।

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पुलिस द्वारा की गई जांच के अनुसार, उपार्जन केन्द्र कारीगोही से 2,360 क्विंटल की आठ ट्रक गेहूं और 13 मई को 1,500 क्विंटल के पांच ट्रक गेहूं का परिवहन किया गया था। लेकिन कुल 13 ट्रक गेहूं गोदाम तक पहुंचे ही नहीं। लेकिन ट्रकों को सर्वेयर द्वारा पास किया गया और कार्पोरेशन के प्रदाय केन्द्रों से स्वीकृति पत्रक जारी कर किसानों को भुगतान भी कर दिया गया। सर्वेयर का रजिस्ट्रेशन सीएमएमएस पोर्टल पर जिला प्रबंधक के लॉगिन से किया गया था। इस प्रकरण में अमित गौड़ जिला प्रबंधक सतना ने सर्वेयर के रजिस्ट्रेशन और ट्रक से गेहूं गोदाम में जमा होने में पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गयी थी।

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इस तरह मामले को दिया गया अंजाम
यह पूरा खेल नियम विरुद्ध तरीके से स्वीकृत किए गए खरीदी केंद्र द्वारा किया गया है। इस केन्द्र से पहले 13 ट्रक गेहूं की खरीदी दिखाते हुए रेडी टू ट्रांसपोर्ट किया गया। इसके बाद टीसी काट कर इन ट्रकों को कोटर तहसील के लखनवाह स्थित एमपी वेयर हाउसिंग के गोदाम में जमा करने का आदेश दिया गया। ये ट्रक खरीदी केन्द्र से वेयर हाउस पहुंचते, इससे पहले ही खेल शुरू हो जाता है। अचानक से टीसी के ऑर्डर में बदलाव किया जाता है।
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आदेश में बदलाव कर वेयर हाउसिंग के गोदाम से टीसी को डायवर्ट कर रेलवे रैक प्वाइंट कर दिया जाता है। इस बदलाव के बाद ट्रकों को गेहूं लोड कर रेलवे रैक प्वाइंट पहुंचाना होगा। लेकिन बिना एक दाना पहुंचे, कागजों में अनलोड कर दिया गया। वेयर हाउस से रैक प्वाइंट के लिए डायवर्ट किया गया गेहूं कागजों में रेलवे रैक प्वाइंट पहुंच जाता है। इसके बाद केवल कागजों पर इस गेहूं की जांच होती है और गेहूं को रैक प्वाइंट पर उतार दिया जाता है। इस काल्पनिक गेहूं को नान के सर्वेयर द्वारा स्वीकृत कर दिया जाता है।

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