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MP News: पूर्व राज्यपाल के निधन पर मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं ने शोक व्यक्त किया, राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका

सार


पूर्व राज्यपाल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीज कुरैशी के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कांग्रेस नेताओं ने शोक व्यक्त किया।  
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पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत कुरैशी को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को यह दु:ख सहन करने की सामर्थ्य देने की प्रार्थना की है। बता दें पूर्व राज्यपाल की अंत्येष्टि शुक्रवार को राजकीय सम्मान से की जाएगी। इसको लेकर सरकार ने भोपाल  नगर में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रखने के आदेश दिए।
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वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि दी। पटवारी ने कहा कि कुरैशी अल्पसंख्यक वर्ग के दिग्गज नेताओं में शुमार थे, मप्र की राजनीति में वे हमेशा सक्रिय रहे और कई विभागों के मंत्री रहे। पहली बार सतना से लोकसभा का चुनाव लड़े और सांसद बने कुरैशी बीमारी में भी सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में अपनी सक्रियता बनाये रखे। राजधानी में उनके समर्थकों द्वारा किया जाने वाला सालाना मुशयरा उनकी खास पहचान को कायम रखता है। 
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री द्वय कमलनाथ और दिग्विजयसिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, अरूण यादव, कांतिलाल भूरिया, कांग्रेस नेता अजयसिंह राहुल भैया सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने कुरैशी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए शोक संवेदना व्यक्त की है। कुरैशी के निधन से मुस्लिम रियासत को बड़ी क्षति पहुंची है, जिसकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी। वहीं, राज्य सरकार ने पूर्व राज्यपाल के निधन पर उनकी अंत्येष्टि पर शुक्रवार को भोपाल नगर में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रखने के आदेश दिए।
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कट्टरपंथियों के घोर विरोधी थे : दिग्विजय सिंह
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए ट्वीट किया कि 'अजीज भाई ने युवक कांग्रेस, प्रदेश कांग्रेस में महामंत्री, प्रकाश चंद्र सेठी की सरकार में मंत्री, सतना से संसद सदस्य और राज्यपाल पद पर रहते हुए पद की प्रतिष्ठा बढ़ाई। वे इंदिरा जी के अति विश्वास पात्र थे। वे निडर निर्भीक स्पष्ट वक्ता थे और कट्टर पंथी शक्तियों के घोर विरोधी थे। जब 1993 की विधान सभा में एक भी अल्पसंख्यक विधायक चुन कर नहीं आया तब मैंने उन्हें अपनी मंत्री परिषद में लेने के लिए उनसे अनुरोध किया था पर उन्होंने अस्वीकार कर मेरा बाहर रहते हुए पूरा समर्थन किया। उनके निधन पर मुझे निजी अपूरणीय क्षति हुई है। मेरी अल्लाह ताला से यही दुआ है उन्हें जन्नत अता फर्माएं।
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