मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव किए हैं। अब कॉन्फ्रेंस में कलेक्टरों को अपनी बात रखने और जमीनी स्तर के अनुसार विकास के अनुसार प्लान बताने अधिक अवसर मिलेगा। पहले अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव को प्रत्येक सत्र में लगभग 50 मिनट दिए जाते थे, जिसे घटाकर अब 15-20 मिनट कर दिया गया है। इसके बदले में कलेक्टरों को प्राथमिकता दी जाएगी। हर सत्र 75 मिनट का होगा, जिसमें 6 से 8 कलेक्टर अपने सुझाव और अनुभव साझा करेंगे। प्रत्येक कलेक्टर को 3 मिनट मिलेंगे, जबकि 10 मिनट सत्र के सारांश के लिए तय होंगे।