पुलिसकर्मियों ने बीच रास्ते में वाहन से उतार दिया
मृतक महिला के पति मुकेश प्रजापति ने बताया कि घटना के बाद पुलिस को सूचना दी। डायल-100 मौके पर आई और मेरी पत्नी को लेकर अस्पताल जाने के लिए रवाना हुई, लेकिन गोविंदपुरा थाने के सामने उतार दिया और कहा कि मैं अस्पताल लेकर नहीं जाऊंगा। अगर पुलिस वाले मेरी पत्नी को समय पर अस्पताल पहुंचा देते तो उसकी जान बच सकती थी।आरोपियों के दबाव में पुलिसकर्मियों ने हीलाहवाली की है। जबकि थाना प्रभारी अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि पुलिस वाहन से उसे थाने के पास कॅरियर अस्पताल तक पहुंचाया गया, लेकिन परिजन उसे दूसरे निजी अस्पताल ले जाना चाह रहे थे। इसलिए परिजन उसे अपने वाहन से अस्पताल ले गए थे।
महिला की हत्या करने वाले आरोपियों की तरफ से की एफआईआर
मृतक कांति प्रजापति पति के पति ने गोविंदपुरा थाना पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि कांति प्रजापति को जिन आरोपियों ने खौलता तेल डालकर जलाया, वह भी उसी तेल से कुछ झुलस गए थे। आरोपियों ने मेरे बेटे को पीटा और तोड़फोड़ भी की। इसके बाद भी पुलिस ने पत्नी को जलाने वाले आरोपियों की तरफ से मेरे बेटे के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया, जबकि आरोपी खुद ही झुलसे थे। महिला को हम लोग जेपी अस्पताल ले गए, जहां से उसे हमीदिया रेफर कर दिया गया। हमीदिया में पहुंचने के बहुत देर बाद पुलिसकर्मी उसके बयान दर्ज करने आए, ताकि वह बेहोशी की हालत में आ जाए और मृत्यु पूर्व कथन न दे सके।
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शव रखकर किया चक्काजाम, कांग्रेस ने उठाए सवाल
गुरुवार सुबह महिला की मौत के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन शव लेकर अन्ना नगर चौराहे पर पहुंचे और पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। परिजन स्थानीय रहवासियों के साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस अधिकारियों की काफी समझाइश के बाद मामला शांत हुआ। इस मामले में कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने आरोप लगाया कि महिला को जिंदा जलाकर हत्या करने वाले आरोपी भाजपा के एक स्थानीय नेता के समर्थक हैं। यह भाजपा समर्थिक गुंडों द्वारा एक महिला की हत्या किए जाने का मामला है, लेकिन पुलिस आपसी विवाद बताकर मामले को रफादफा करना चाह रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
महिला की जलने से मौत के मामले में हत्या का प्ररकण दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किय गया है। अन्य के संबंध में भी जांच की जा रही है। कुछ और लोगों के शामिल होने के आरोप परिजनों ने लगाए हैं। महिला को अस्पताल पहुंचाने में पुलिस द्वारा देरी करने और बयान लेने में देरी करने संबंधी आरोप निराधार हैं। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
-डॉ. संजय अग्रवाल, डीसीपी, जोन-2, भोपाल