रोजगार परक उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई उद्योग रोजगारपरक इकाई स्थापित करता है, तो सरकार महिलाओं को रोजगार देने पर प्रति महिला वर्कर 6,000 रुपये तक की सहायता दस वर्षों तक देगी। उन्होंने कहा कि सभी प्रोत्साहन योजनाएं सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। डॉ. यादव ने बताया कि पहले उद्योग स्थापित करने के लिए 29 तरह की अनुमतियों की आवश्यकता होती थी, जिन्हें घटाकर अब सिर्फ 10 कर दिया गया है। इसके अलावा, बिजली-पानी में सब्सिडी, 30 दिन के भीतर कारोबार शुरू करने की गारंटी और सिंगल विंडो सिस्टम के तहत ऑनलाइन मंजूरी जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
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बीएसएल ग्लोबल आउटरीच समिट का दिल्ली में हुआ आयोजन।
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश-आपकी ग्लोबल फैक्टी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम 'मध्य प्रदेश-आपकी ग्लोबल फैक्टरी' की सोच के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मित्र पार्क के माध्यम से हमारे पास बड़े पैमाने पर उत्पादन की क्षमता है। हम केवल कारखाने नहीं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल कारखाने स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ईएसजी मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जल संरक्षण, श्रम मानकों में सुधार, जैविक उत्पादन और स्वच्छ ऊर्जा जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दे रही है।
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उद्योग आधारित छवि बना रहा मध्य प्रदेश
कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि, हमने उत्पादन से लेकर रेडीमेड वस्त्रों के खरीदारों और विक्रेताओं को एक ही मंच पर लाने का काम किया है। इससे न केवल निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 42 पुराने कानूनों को समाप्त कर दिया है, जो व्यापार में बाधा बन रहे थे। अब उद्योगों के लिए मध्य प्रदेश न सिर्फ अनुकूल वातावरण दे रहा है, बल्कि उद्योगपतियों की हर अपेक्षा को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है
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दुनिया भर के निवेशकों से मिला सकारात्मक रिस्पॉन्स
कार्यक्रम में देश और विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल-गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों और निवेशकों ने भाग लिया।वॉलमार्ट जैसे वैश्विक ब्रांड्स की मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समिट के माध्यम से भारत और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के बीच एक नया सेतु बना है और मध्यप्रदेश इस नए युग में टेक्सटाइल सेक्टर का केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
163 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने लिया भाग
इस समिट में 163 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों एवं 1000 भारतीय प्रतिनिधियों ने फैशन, टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र से जुड़ी चर्चाओं में सक्रिय भागीदारी निभाई। समिट के दौरान आयोजित BSL एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में देश के अग्रणी ब्रांड्स और उद्यमों को उनके उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया। इसके साथ ही सस्टेनेबिलिटी व डिजिटल इनोवेशन अवॉर्ड्स के अंतर्गत टेक्सटाइल आपूर्ति श्रृंखला में उल्लेखनीय नवाचार करने वाली कंपनियों को भी पुरस्कृत किया गया। मध्यप्रदेश ने BSL ग्लोबल आउटरीच समिट 2025 में अपने मजबूत औद्योगिक आधार, कम लागत वाली संरचना और दीर्घकालिक साझेदारी की प्रतिबद्धता के साथ वैश्विक टेक्सटाइल निवेश के लिए खुद को एक विश्वसनीय और स्केलेबल गंतव्य के रूप में स्थापित किया।