मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद एक बार फिर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने ईवीएम को लेकर सवाल उठाए। इस पर भाजपा नेताओं ने उनको चारों तरफ से हमला बोला। मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि कांग्रेस जब जब हारती है, ईवीएम पर आरोप लगाती है। कांग्रेस संभावित हार से हताश। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने कहा कि गांधी परिवार को बचाने कांग्रेस बहाने ढूंढती है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपनी हार मान ली है। इस आरोप पर सवाल तो यह खड़ा होता है कि कई राज्यों में कांग्रेस जीती वहां ईवीएम हैक नहीं हुई ?
जनता में भ्रम पैदा कर रहे, आयोग करे एफआईआर
दिग्विजय सिंह निर्वाचन आयोग की पद्धति को बदनाम कर रहें है। निर्वाचन आयोग को स्वतः संज्ञान लेकर दिग्विजय सिंह जी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करानी चाहिए। यह भारत की जनता में भ्रम पैदा कर रहे है। साथ ही निर्वाचन की पद्धति को बदनाम कर रहे है। मेरा दिग्विजय सिंह से सवाल है कि जब आपको लगता है कि ईवीएम में गड़बड़ी हो सकती है तो आपके बेटे राघवगढ़ से जीते तो क्या गड़बड़ी से जीते। क्या कांग्रेस की कर्नाटक में सरकार बनी तो वहां ईवीएम नहीं थी। क्या वहां की सरकार को भंग करेगी ? क्या मध्यप्रदेश में जीते सभी कांग्रेस विधायक अपने पद से इस्तीफ़ा देंगे?
भारत को बदनाम कर रहे
शर्मा ने कहा कि मेरा दिग्विजय सिंह से सवाल है कि आप आतंकवादियों का साथ दे रहे हो वह समझ में आ रहा है, लेकिन अब आप तो भारत की न्यायपालिका, निर्वाचन एजेंसी सभी को बदनाम कर रहे हो। आप भारत के लोकतंत्र को नए सिरे से खतरे में डालने का प्रयास कर रहे हो।