भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। महापौर मालती राय ने निगम का 808 करोड़ 87 लाख 48 हजार का अंतरिम बजट पेश किया। इसमें किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगाया गया। महापौर मालती राय ने कहा कि यह तीन माह का अंतरिम बजट पेश कर रहे है। इस पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया। नेता प्रतिपक्ष शबस्तिा जकी ने कहा कि अंतरिम बजट का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने महापौर से सवाल करते हुए कहा कि बताए पूर्ण बजट कब तक पेश होगा।
भोपाल नगर निगम की अंतिरम बजट बैठक वंदे मातरम गायन के साथ शुरू हुई। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने सभी पार्षदों का स्वागत वंदन किया। निगम अध्यक्ष ने कहा कि हमारे राम आ गए। इसके साथ ही सदन जय श्री राम के नारे से गूंजा। निगम अध्यक्ष ने बताया की हमारे राम लला अब टेंट में नहीं है, भव्य मंदिर में हैं। इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। इसके बाद सदन में भोपाल में डॉग बाइट्स के बढ़ते मामले को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेस पार्षद कुत्तों के मुद्दे पर चर्चा कराना चाह रहे थे। उन्होंने अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की आसंदी घेर ली। उन्होंने महापौर मालती राय पर भेदभाव का आरोप लगाया।
पटाखा फैक्ट्री को लेकर हंगामा
कांग्रेस पार्षद शीरीन खान ने भोपाल सीमा में संचालित पटाखा फैक्ट्री का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि शहर की सीमा में कितनी पटाखे की दुकानें है। उनको लेकर निगम प्रशासन की क्या नीति है। सदन में स्पष्ट करें। महापौर ने कहा कि लिखित जवाब पढ़ लें। इस पर विपक्षी पार्षदों ने आपत्ति जताई और सवाल का मौखिक जवाब नहीं मिलने पर नीचे बैठ गए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पढ़ कर सुनाया जाए। शहर की जनता जवाब सुनना चाहती है। इस पर कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि महापौर को सदन में जवाब देना नहीं आता। वह सदन का समय खराब कर रही है। महापौर ने जवाब देते हुए कहा कि अगली बार सदन में पढ़ कर जवाब दिया जाएगा। आज लिखित जवाब पढ़ लें।
निगम कर्मचारियों की पीएफ राशि जमा नहीं हुई
भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने नगर निगम के कर्मचारियों की पीएफ राशि जमा नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने अपनी ही पार्टी के एमआईसी मेंबर को घेरते हुए कहा कि कर्मचारियों की पीएफ राशि जमा नहीं होने से निगम को 21 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि एक ठेकेदार को 147 करोड़ रुपए का अग्रिम भुगतान किया गया। इसके बाद कांग्रेस पार्षद भी इसे बड़ा भ्रष्टाचार बता कर अध्यक्ष की आसंदी के पास आ गए। इस पर एमआईसी सदस्य जितेंद्र शुक्ला ने जवाब देते हुए कहा कि किसी ठेकेदार को 147 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं हुआ। यह सब भ्रामक है। इस पर भार्गव ने कहा कि मेरा कथन गलत है तो मुझ पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इस पर काफी देर तक बहस चलती रही।
निजी अस्पताल की बेड की संख्या अनुसार राशि तय
इससे पहले एमआईसी सदस्य जगदीश यादव ने शहर के नर्सिंग होम और अस्पताल में बेड के अनुसार लाइसेंस फीस तय करने का प्रस्ताव रखा। इसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। सदन में बताया गया कि डॉक्टर एसोसिएशन से चर्चा करने के बाद यह दरें तय की गई। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने राशि को अधिक बताया। इस पर अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि परिषद की मंजूरी के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। वहीं से अंतिम निर्णय लिया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार 1 से 15 बेड के लिए प्रति वर्ष 10 हजार रुपए। इसी प्रकार 16 से 30 बेड के लिए 20 हजार। 101 से 150 बेड के लिए 1 लाख रुपए। 201 से 300 बेड के लिए 3 लाख रुपए और 301 बेड के लिए 5 लाख रुपए तय किए गए।
सोलर पैनल लगाने पर संपत्ति कर में 6% की छूट
महापौर मालती राय ने सदन में कहा कि भोपाल को सोल रसिटी बनाएंगे। इसके लिए सभी सहयोग करें। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल लगाने में 30 प्रतिशत की सब्सिडी भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल लगाने में एक बार संपत्ति कर में 6 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी।