मध्यप्रदेश में ठंडक बढ़ी है। दिन और रात का तापमान तेजी से गिरा है। दिनभर चल रही ठंडी हवाएं कंपकंपाने को मजबूर कर रही हैं। ये असर हिमाचल में हुई बर्फबारी का बताया जा रहा है। हालांकि मौसम वैज्ञानिक ये भी कह रहे हैं कि कुछ दिनों बाद फिर तापमान में उछाल आएगा।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 24 घंटों में प्रदेश का मौसम शुष्क रहा। न्यूनतम तापमान इंदौर और ग्वालियर संभाग के जिलों में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। अगले दो दिनों में 24 घंटों में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है, उसके बाद 2-3 डिग्री तापमान में वृद्धि की संभावना है। प्रदेश में सबसे ठंडा मलाजखंड रहा।
मौसम विभाग के आंकड़ों को देखें तो तापमान में तेजी से गिरावट देखने को मि्ली है। कहीं-कहीं रात का पारा छह डिग्री से ज्यादा गिरा है तो दिन के पारे ने भी साढ़े चार डिग्री से ज्यादा का गोता लगाया है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे पहुंच गया है। प्रदेश में सबसे ठंडा मलाजखंड रहा। मलाजखंड में 5.4, रायसेन में 7, उमरिया में 7.4, मंडला में 7.5, पचमढ़ी में 7.8, नौगांव में 8.1, छिंदवाड़ा में 8.2, दतिया-गुना में 8.5, रीवा में 8.6, सागर-राजगढ़-जबलपुर में 9, बैतूल-खजुराहो में 9.2, धार में 9.3, उज्जैन में 9.4, भोपाल में 9.6 डिग्री न्य़ूनतम तापमान दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान की बात करें तो पश्चिमी मप्र में ज्यादा गिरावट रही। हालांकि सबसे गर्म खरगोन ही रहा। यहां 33 डिग्री अधिकतम तापमान रहा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्यप्रदेश के मौसम में फिर ठंडक घुलने लगी है। हिमाचल में हुई जोरदार बर्फबारी का असर प्रदेश के मौसम पर पड़ने लगा है। ठंडी हवाएं सिरहन पैदा कर रही हैं, साथ ही दिन और रात का तापमान भी गिरा रही हैं। हालांकि जानकार बता रहे हैं कि फरवरी के आखिरी हफ्ते से प्रदेश में गर्मी दस्तक दे सकती है।