राजधानी भोपाल प्रदेश के ज्यादातर निजी अस्पतालों को आयुष्मान भारत “निरामयम्” योजना में सूचीबद्ध किया गया है। इन अस्पतालों में मरीज के पास आयुष्मान कार्ड होने पर 5 लाख तक का नि:शुल्क इलाज की सुविधा सरकार द्वारा कराई जा रही है। लेकिन कई अस्पतालों से शिकायत आ रही थी कि मरीजों को गुमराह किया जा रहा है और उनसे पैसे भी लिए जा रहे हैं। अब मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान भारत “निरामयम्” योजना के अंतर्गत निःशुल्क उपचार की जानकारी अस्पताल की मुख्य द्वार पर बड़े अक्षरों में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के आदेश जारी किए जाएं।
प्रवेश द्वार के समीप बड़े अक्षरों में जानकारी उपलब्ध कराएं
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने इस बात पर जोर दिया है कि प्रदेश के सभी नागरिकों को योजना का पूरा लाभ मिले, इसके लिए यह आवश्यक है कि सूचीबद्ध चिकित्सालयों में प्रवेश द्वार के समीप बड़े अक्षरों में यह जानकारी उपलब्ध कराई जाए कि किन चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के लिए वह चिकित्सालय सूचीबद्ध है। इसके साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाए कि आयुष्मान योजना के तहत हितग्राहियों को निःशुल्क और कैश लेस उपचार की सुविधा प्राप्त होगी।
सीएमएचओ ने सभी निजी संस्थाओं को लिखा पत्र
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल, डॉ. प्रभाकर तिवारी ने निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए भोपाल के समस्त अस्पताल, नर्सिंग होम संचालकों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना की जानकारी को नागरिकों के लिए सुलभ और सरल बनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि हितग्राही बिना किसी कठिनाई के इस योजना का लाभ उठा सकें।