हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को लेकर मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने यात्रा की मंशा पर तंज कसते हुए कहा कि जब राम मंदिर का निर्माण हुआ था, तब संबंधित नेता के चेहरे पर वैसी खुशी और उत्साह नजर नहीं आया, जैसा अब मंदिर के चंदे को लेकर सवाल उठाने में दिखाई दे रहा है। दिग्विजय सिंह ने दशहरे के मौके पर उज्जैन से अयोध्या तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह यात्रा राजनीतिक नहीं है। हालांकि, हर्षा रिछारिया ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने बयान में दिग्विजय सिंह का नाम लेने के बजाय उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कहकर संबोधित किया।
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चुनाव करीब आते ही भगवान राम की याद क्यों?
हर्षा ने सवाल किया कि चुनाव नजदीक आने पर ही भगवान राम को इंसाफ दिलाने का संकल्प क्यों लिया जा रहा है? उन्होंने कहा कि यात्रा को राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी के आरोपों से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके मुताबिक, चंदे को लेकर सवाल उठाने की वजह से अब भगवान राम को न्याय दिलाने की बात कही जा रही है। उन्होंने विपक्ष पर राम मंदिर निर्माण के फैसले का विरोध करने और भगवान राम के अस्तित्व तथा रामसेतु को लेकर सवाल उठाने का आरोप भी लगाया। हर्षा ने कहा कि मंदिर निर्माण के समय वैसा उत्साह दिखाई नहीं दिया, जैसा अब चंदे के मुद्दे पर सवाल उठाते समय नजर आ रहा है।
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यात्रा के उद्देश्य पर भी उठाए सवाल
हर्षा रिछारिया ने राम मंदिर बनने के बाद भगवान राम की शरण में जाने की जरूरत पर भी सवाल किया। उन्होंने चुनाव नजदीक होने और किसी को पद दिलाने जैसी संभावनाओं का जिक्र करते हुए यात्रा के उद्देश्य पर तंज कसा। उनका कहना है कि अब भगवान राम को इंसाफ दिलाने का संकल्प लेने के पीछे की वजह पर सवाल उठना स्वाभाविक है।