भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवायएम) भोपाल महानगर के जिला महामंत्री और युवा अधिवक्ता दिव्य ऋषि तिवारी की करंट लगने से मौत के मामले में एमपी नगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। घटना के बाद अब पुलिस जांच के साथ जिला प्रशासन की जांच भी चल रही है। दिव्य ऋषि तिवारी की मौत बिजली के खंभे से करंट लगने के बाद हुई थी। प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि खंभा नगर निगम का है। हालांकि, खंभे में करंट कैसे आया और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी पुलिस और प्रशासन की ओर से जांच की जा रही है।
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पांच दिन में रिपोर्ट देगी जांच समिति
घटना की गंभीरता को देखते हुए भोपाल कलेक्टर ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति में अपर कलेक्टर सुमित पांडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मनीष शर्मा, बिजली विभाग के कार्यपालिका नियंत्रक मोहम्मद जावेद और अधीक्षण अभियंता प्रदीप सिंह चौहान को शामिल किया गया है। समिति हादसे के कारणों के साथ बिजली के खंभे और विद्युत व्यवस्था की स्थिति की जांच करेगी। यह भी देखा जाएगा कि खंभे में करंट आने की वजह क्या थी और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। समिति को पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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मुख्यमंत्री ने दिए कार्रवाई के निर्देश
मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी दुख जताते हुए जिला प्रशासन को घटना की जांच और वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दिव्य ऋषि तिवारी को श्रद्धांजलि देते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
बिजली खंभे के करंट से हुई थी मौत
दिव्य ऋषि तिवारी भोपाल महानगर भाजपा युवा मोर्चा में जिला महामंत्री होने के साथ युवा अधिवक्ता भी थे। उनकी बिजली के खंभे से करंट लगने के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद खंभे में करंट आने को लेकर सवाल उठे। इसके बाद प्रशासन ने तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच के लिए समिति बनाई। अब पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज कर मामले को आपराधिक जांच के दायरे में भी ला दिया है। अब जांच का प्रमुख बिंदु यह रहेगा कि नगर निगम से जुड़े बिजली खंभे में करंट कैसे पहुंचा और इस स्थिति के लिए जिम्मेदारी किसकी थी।