केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर
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केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक नरेंद्र सिंह तोमर की प्रचंड जीत हुई है। तोमर मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा सीट से अंतिम राउंड में लगभग 24 हजार वोटों से जीते हैं। तोमर के सियासी करियर में यह बहुत बड़ी जीत मानी जा रही है, क्योंकि जिस तरीके से चुनाव में उनके बेटे के पैसे लेनदेन को लेकर वीडियो वायरल हुए थे, उसके बाद उनके ऊपर कई सवाल खड़े होने लगे थे। तोमर की प्रचंड जीत के बाद अब ग्वालियर चंबल अंचल से मुख्यमंत्री के चेहरे के लिए वे प्रबल दावेदार हो गए हैं।
तोमर भाजपा के लिए संकट मोचक कहे जाते हैं। वे एक बार फिर पार्टी की भरोसे पर खरे उतरे हैं। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक बनाया और उसके बाद प्रदेश के चुनाव की कमान उन्हें सौंपी। यही कारण है कि उनकी कुशल क्षमता और कार्यशैली से भाजपा प्रदेश में सरकार बनाने के लिए अग्रसर है। अगर पार्टी सीएम का चेहरा बदलता है तो इस अंचल से केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सबसे आगे होंगे।
बेटे का वीडियो हुआ था वायरल
मध्य प्रदेश का यह विधानसभा चुनाव केंद्रीय मंत्री तोमर के लिए आसान नहीं रहा है, क्योंकि चुनाव के बीच उनके बड़े बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर का पैसे के लेनदेन को लेकर वीडियो वायरल हुआ और उसके बाद मध्य प्रदेश शासन में हड़कंप मच गया। वीडियो में 10,000 करोड़ के लेनदेन की बातचीत ने तोमर की राजनीतिक कैरियर पर दाग लगा दिया। उसके बाद तोमर के सीएम की दावेदारी पर भी प्रश्न चिन्ह लग गया और राजनीतिक गलियों में चर्चा होने लगी कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सीएम की से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं। इसके बाद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की विधानसभा दिमनी में मतदान के दौरान हुए पथराव और फायरिंग के बाद यह कयास लगाए जाने आगे कि अब तोमर की राजनीतिक कैरियर पर संकट मंडराने लगा है। हालांकि, चुनावी जीत ने उनकी बिगड़ती प्रतिष्ठा बचा ली।