आदिवासियों की लोकतंत्र बचाओ पैदल यात्रा को पुलिस ने सोमवार को भोपाल के करोंद के पास लांबाखेड़ा में रोक दिया। यात्रा में शामिल लोगों ने पुलिस पर यात्रा को आगे बढ़ने से रोकने का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने यात्रा को आगे जाने की अनुमति नहीं देने पर धरने की चेतावनी दे दी। इसके बाद पुलिस ने यात्रा को आगे बढ़ने दिया। यात्रा में दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए।
लांबाखेड़ा में यात्रा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी ने पूरे जीवनभर अहिंसा के साथ अपनी लड़ाई लड़ी। उनका दोष केवल यह था कि वह सभी को साथ लेकर चलते थे। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, अनुसूचित जाति और जनजाति सभी को सम्मान की नजर से देखते थे। सबसे पहले छुआछूत का यदि किसी ने विरोध किया तो महात्मा गांधी ने किया। आज उनका जन्मदिन है। अहिंसा का दिवस है। यात्रा में किसी ने झगड़ा नहीं किया। दो अक्टूबर को यात्रा के यहां आने का मकसद यह है कि हम अहिंसा के पूजारी हैं। हम अनुसूचित जाति और जनजाति के अधिकारों के लिए शांतिपूर्वक काम करते हैं। गरीब, दलित, एससी-एसटी, जिनकी जमीन छीन ली गई है, जिन्हें दंबंगों ने पैरों तले दबाया, उनकी बात कर रहे हैं। दंबंग आदिवासियों पर पेशाब कर रहे हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के शरीर पर मल लेपा जा रहा है। यह भाजपा की सरकार और यह मामा कहता है कि मैं तुम्हारा हूं। तुम किसके हो, हमें मालूम है। तुम सिर्फ नगद के हो। भ्रष्टाचार के हो। तुम किसी के सगे नहीं हो। मैं आरोप लगा रहा हूं। हिम्मत होती तो मेरे ऊपर मानहानि का दावा करता मामा। मेरे पास गवाह है इनके भ्रष्टाचार के।
यह लोग देश के लोकतंत्र को खरीद और बेच रहे
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां से शांतिपूर्वक अंबेडकर मैदान तक यह यात्रा जाएगी। मैं आपके साथ चलूगा। आज मैं बिना पूजा के आया हूं। कुछ खाया भी नहीं है। उन्होंने राजा साबह जिंदाबाद नारा लगाने वालों को टोका। उन्होंने भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि यह लोग इस देश के लोकतंत्र को खरीद और बेच रहे हैं। सरकार को गिराने में करोड़ों रुपए किसका पैसा लगा था? क्या गरीब का पैसा लगा था? क्या विधायकों को चेक से पेमेंट किया था? नोट की गड्डियों से पेमेंट किया गया था।
पुलिस ने यात्रा को आगे बढ़ने से रोका
लोकतंत्र बचाओ यात्रा में शामिल वकील सुनील कुमार आदिवासी ने बताया कि पुलिस अनुमति नहीं होने समेत अलग-अलग बहाने बनाकर यात्रा रोक रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के आने के बाद ही पुलिस ने यात्रा को आगे बढ़ने दिया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि गांधी जयंती पर अहिंसावादी लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है।
21 सितंबर को विदिशा से निकली यात्रा
लोकतंत्र बचाओ यात्रा की शुरुआत 21 सितंबर को विदिशा से हुई। यात्रा का समापन मंगलवार को अंबेडकर पार्क तुलसी नगर में होना है। इससे पहले रोशनपुरा से यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी शामिल होंगे। वह अंबेडकर पार्क में जनसभा को संबोधित करेंगे। सुनील कुमार ने बताया कि हमारी यात्रा का उद्देश्य आदिवासियों, पिछड़ों और दलितों पर हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए कठोर कानून बनाने, आदिवासियों की जमीनों पर दंबगो के कब्जे हटाकर उन्हें जमीन वापस दिलाने और दलबदल कानून को कड़ा करने के लिए कदम उठाने के लिए सरकार पर दबाव बनाना और जागरूकता लाना है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी से इस्तीफा देने वाले जनप्रतिनिधि पर छह साल के लिए चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। साथ ही ईवीएम को चुनाव में बैन किया जाए।