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MP Election: कैलाश विजयवर्गीय को टिकट मिलते ही उनके बेटे के लिए समर्थकों ने की 'बैटिंग', भूपेंद्र यादव से मिले

Thu, 28 Sep 2023 08:23 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को टिकट मिलने के बाद कयास लगाए जा रहे है कि उनके बेटे इंदौर क्रमांक-3 से विधायक आकाश विजयवर्गीय का टिकट कट सकता है। इसको देखते हुए उनके सैकड़ों समर्थक आकाश को दोबारा टिकट देने की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे।  
 
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आकाश विजयवर्गीय समर्थक भोपाल पहुंचे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश भाजपा ने 10 साल बाद कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर-1 से टिकट दिया है। ऐसे में अब इंदौर क्रमांक-3 से विधायक उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय का टिकट कटने के कयास लगाए जा रहे है। इससे नाखुश उनके सैकड़ों समर्थक बसों में गुरुवार को भोपाल पहुंचे। यहां पर उन्होंने चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। उन्होंने आकाश विजयवर्गीय को लोकप्रिय विधायक बताते हुए क्षेत्र का सबसे मजबूत दावेदार बताया। साथ ही समर्थकों ने तर्क दिया कि यदि उनका टिकट कटता है तो नए प्रत्याशी को नए सिरे से मेहनत करना होगा। ऐसे में सीट जीतना आसान नहीं होगा। इंदौर से करीब 20 बसों में सवार होकर 800 के करीब कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे। इसमें अलग-अलग समाज और वर्ग भी थे। खटिक समाज के पदाधिकारी ने बताया कि इंदौर-3 में कई नेता आकर चले गए, लेकिन आकाश विजयवर्गीय एक मात्र विधायक है। जिन्होंने दलित, खटिक समाज के हर बच्चे को शिक्षा और रोजगार देने की पहल की। बहुत से युवाओं को नशे से दूर किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के सर्वे में आकाश विजयवर्गीय का नाम ही सबसे आगे है। सिर्फ कैलाश विजयवर्गीय के बेटे होने की वजह से उनका टिकट न काटा जाए। इस पर चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव ने आकाश विजयवर्गीय के समर्थकों की बातों को सुनने के बाद शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। 
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'बैट मार' विधायक ने कराई थी भाजपा की फजीयत 
2018 में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले आकाश विजयवर्गीय उस समय चर्चा में आए थे, जब उन्होंने इंदौर क्रमांक-3 में जर्जर मकान को गिराने आए नगर निगम के एक अधिकारी पर बैट चलाया था। इसका वीडियो भी खूब वायरल हुआ था। इससे भाजपा की फजीयत हुई थी। इस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाराजगी जताते हुए नसीहत दी थी। इस बार भाजपा टिकट देने में विधायक की छवि को बहुत अहमियत दे रही है। ऐसे ही आचरण के कारण सीधी के विधायक केदारनाथ शुक्ला का टिकट काट दिया है। वहां से सांसाद रीति पाठक को उम्मीदवार बनाया है।



टिकट कटने की परिवारवाद भी हो सकती एक वजह 
भाजपा लगातार परिवारवाद को लेकर कांग्रेस पर हमलावर रहती है। हालांकि भाजपा अपने नेताओं के बच्चों को लेकर जवाब देते आई है कि यदि कोई कार्यकर्ता बनकर काम करती है और यदि वह जिताऊ है तो उसको टिकट देने में कोई हर्ज नहीं है। जानकारों का कहना है कि यदि भाजपा कैलाश विजयवर्गीय के साथ आकाश विजयवर्गीय को भी टिकट देते है तो इसका प्रदेश के कार्यकर्ता में गलत मैसेज जा सकता है। ऐसे में पार्टी इस तरह का निर्णय लेने से बचेंगी। 
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