मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बागियों पर लगभग कंट्रोल पा लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को नाराज और रूठे कार्यकर्ताओं को मनाने की जिम्मेदारी मिली थी। सिंह ने मोर्चा संभालते ही कांग्रेस के लगभग सभी बागियों को मना लिया है। कुछ विधानसभा सीटों को छोड़कर अब 230 सीटों पर कांग्रेस का कोई बागी नहीं है। इससे पहले करीब 35 सीटों पर बागी कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा रहे थे, लेकिन कमलनाथ, रणदीप सुरजेवाला और दिग्विजय सिंह के मनाने पर अधिकांश नाराज नेता मान गए हैं। इन सभी से अपना नाम वापस ले लिया है।
सिंह के बंगले पर बनाया वॉर रूम
कांग्रेस में मान मनुहार अंत तक चली। जैसे भोपाल की हुजूर विधानसभा से कांग्रेस के मन्नू डागा निर्दलीय मैदान में आ गए थे, लेकिन आखिरी समय पर उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया है। दिग्विजय सिंह बुधवार देर रात तक लोगों से फोन पर चर्चा करते रहे। इसके बाद गुरुवार को भी सुबह से ही वे अपने रूठे नेताओ को मनाने में जुट गए थे। सिंह ने अपने निवास पर ही चुनाव के लिए वॉर रूम तैयार किया है। पिछले दो दिनों से वे यहीं से प्रदेश में सक्रिय बने हुए थे।।
ऐसे हुए सरेंडर
जानकारी के अनुसार बागियों को मनाने के लिए सरकार बनने पर उन्हें निगम मंडल और आयोग में उचित पद दिए जाने का आश्वासन दिया गया है। इसके साथ ही कुछ नेताओं को अभी संगठन में महामंत्री और उपाध्यक्ष जेसे पदों से नवाज कर संतुष्ट किया गया है। साथ ही कुछ नेताओं को चेतावनी भी दी गई थी, जिसके चलते उन्होंने पार्टी के सामने सरेंडर कर दिया।