कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में असंतुष्टों की नाराजगी दूर करने के लिए चार प्रत्याशियों को बदल दिया है। मौजूदा विधायक अजय सिंह कुशवाहा और मुरली मोरवाल को फिर से प्रत्याशी बनाया है। इन दोनों विधायकों के टिकट काटे गए थे। जमीन पर विरोध हुआ तो कांग्रेस नेतृत्व को प्रत्याशी बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने सभी 230 सीटों पर प्रत्याशी उतारने के बाद बुधवार को अपने चार प्रत्याशियों को बदल दिया। सुमावली से कुलदीप सिकरवार की जगह फिर से विधायक अजब सिंह कुशवाहा को टिकट दिया है। बड़नगर से राजेन्द्र सिंह सोलंकी की जगह विधायक मुरली मोरवाल पर भरोसा जताया है। इसके अलावा पिपरिया से गुरुचरण की जगह वीरेंद्र बेलवंशी और जावरा में हिम्मत श्रीमाल की जगह वीरेंद्र सोलंकी को प्रत्याशी बनाया है।
कांग्रेस ने दूसरी सूची में तीन प्रत्याशियों को बदला था। दतिया में अवधेश नायक का टिकट बदलकर राजेंद्र भारती को मैदान में उतारा। यहां भाजपा की तरफ से गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा प्रत्याशी है। पिछोर में शैलेंद्र सिंह का टिकट काटकर अरविंद सिंह लोधी और गोटेगांव से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति का टिकट काटने के बाद उन्हें दोबारा प्रत्याशी बनाया था। यहां कांग्रेस ने पहले शेखर चौधरी को प्रत्याशी बनाया था।
'अब पार्टी बन गई टिकट बदल कांग्रेस'
वहीं, भोपाल में बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस द्वारा चार टिकट बदले जाने पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की हालत अजब गजब हो गई है। सोनिया कांग्रेस, खड़गे कांग्रेस बनी; फिर मध्य प्रदेश में कमलनाथ कांग्रेस हो गई। कमलनाथ जी ने तो क्या, उनके बेटे ने भी टिकट बांट दिए। फिर जब टिकट को लेकर कोलाहल मचा तो लोग कमलनाथ जी के पास पहुंचे। उसके बाद कमलनाथ जी ने कहा कि कपड़े फाड़ना है तो दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह के फाड़ो। इस तरह वह कपड़ा फाड़ कांग्रेस हो गई। अब कांग्रेस बन गई है टिकट बदल कांग्रेस। घबराकर कई जगह कांग्रेस ने टिकट बदल दिए हैं। कांग्रेस की हालत तो बड़ी अजब गजब हो गई है। आगे क्या होने वाला है, अभी देखते हैं।