डिप्टी कलेक्टर के पद से इस्तीफा देकर न्याय यात्रा पर निकलीं निशा बांगरे को आज पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। इसके पहले उन्हें विशेष कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया। जहां उन्होंने जमानत लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद उनका मेडिकल करवाकर पुलिस ने उन्हें भोपाल सेंट्रल जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि निशा जेल में भूख हड़ताल कर रही हैं। निशा के समर्थक भी देर रात तक जेल के बाहर ही बैठे रहे।
गौरतलब है कि सुबह निशा बांगरे और पुलिस के बीच जमकर झड़प हो गई थी। उनकी यात्रा रविवार रात को ही भोपाल पहुंची थी। सीएम हाउस जाने से पहले वे सोमवार सुबह जब बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचीं तब पुलिस और निशा के समर्थकों में जमकर विवाद हो गया। इस बीच झूमझटकी में निशा के कपड़े भी फट गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। निशा सीएम हाउस आमरण अनशन करने जा रही थीं।
28 को शुरू की थी यात्रा
निशा आमला विधानसभा सीट से चुनाव लडना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में निशा न्याय यात्रा पर निकली हैं। उन्होंने अपनी यात्रा 28 सितंबर को आमला से शुरू की थी। उनकी ये यात्रा बोरी, सारणी, सलैया, शाहपुर, केसला, नर्मदापुरम, सलकनपुर, बुधनी, शाहगंज ओब्दुल्लाहा गंज और से मंडीदीप होते हुए भोपाल पहुंचीं हैं।
कांग्रेसी भी पहुंचे समर्थन देने
निशा को समर्थन देने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पहुंचे इनमें पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल, जिला अध्यक्ष मोनू सक्सेना सहित तमाम कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। इन्हे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, जिन्हे बाद में छोड़ दिया गया।
इनका कहना है
निशा का आरोप है कि शिवराज सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। 3 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि एक तरफ भाजपा सरकार महिलाओं को राजनीति में आरक्षण देने की बात करती है, दूसरी ओर जब एक पढ़ी-लिखी महिला राजनीति में आना चाहती है चुनाव लड़ना चाहती है तो उसे रोका जा रहा है। ऐसे में उन्हें इस न्याय का यात्रा पर निकलना पड़ा।
पीएस को दिए कोर्ट ने उपस्थित रहने के निर्देश
इधर, निशा की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस पर आज कोर्ट में सुनवाई की गई। इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए निशा के पति सुरेश अग्रवाल ने बताया कि हमारी ओर से कोर्ट में याचिका दायर की गई है जिस पर सुनवाई करते हुए प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग को कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव 12 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित रहे।
के के प्रवक्ता ने साधा निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता के के मिश्रा ने निशा बांगरे को अरेस्ट करने पर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि 'यह है महिला आरक्षण की कथित पक्षधर भाजपा और प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह जी की सरकार!! एक दलित महिला डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे जी,जिन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दिया है,सरकार उसे स्वीकार नहीं कर रही है,आज उन्होंने गांधीवादी तरीकों से इसे स्वीकार करने के लिए आग्रह मार्च निकाला..पुलिस ने यह हालत कर दी यहां तक कि बाबा साहेब आंबेडकर को भी अपमानित कर डाला...!!'