मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए बिगुल बज चुका है। इस बार चुनाव के मुद्दे क्या होंगे यह एक बड़ा विषय है। ऐसे ही पांच बड़े मुद्दे हम आपको बताने जा रहे हैं जिन पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही तरफ से राजनीतिक बहस छिड़ी हुई है। हर मंच पर इन्हीं मुद्दों को उठाया जा रहा है। जनता का ध्यान इन्हीं पर केंद्रित करने का प्रयास राजनीतिक दल कर रहे हैं। इनमें, ओबीसी, भ्रष्टाचार, परिवारवाद, लाडली बहना नारी सम्मान और सनातन शामिल हैं।
ओबीसी
इस बार के विधानसभा चुनाव में जातिगत जनगणना एक बड़ा और प्रमुख मुद्दा है। जहां कांग्रेस यह ऐलान कर चुकी है कि सरकार आने पर वो प्रदेश में जातिगत जनगणना करवाएगी। वहीं भाजपा इसके जवाब में ओबीसी वर्ग से तीन मुख्यमंत्री दिए जाने, ओबीसी वर्ग को आरक्षण दिए जाने की बात को रखेगी। राहुल गांधी प्रियंका गांधी लगातार अपने दौरों में ओबीसी का मुद्दा उठा रहे हैं। महिला आरक्षण बिल में भी ओबीसी वर्ग की महिलाओं को आरक्षण न दिए जाने की बात पर कांग्रेस नेता भाजपा को घेर रहे हैं। प्रदेश में ओबीसी की आबादी 52 प्रतिशत बताई जाती है।
भ्रष्टाचार
चुनाव में भ्रष्टाचार भी एक बड़ा मुद्दा होगा। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही एक दूसरे के कार्यकाल के भ्रष्टाचार को मुद्दा बना रहे हैं। जहां कांग्रेस भाजपा सरकार में हुए घोटाले और भ्रष्टाचार को मुद्दा बना रही है। वहीं भाजपा कांग्रेस की 15 महीने की कमलनाथ सरकार में हुए भ्रष्टाचार की बात कर रही है। कांग्रेस 50 परसेंट कमिशन का आरोप सरकार पर लगा रही है।
लाडली बहना नारी सम्मान
प्रदेश में महिला वोटर बड़ी संख्या में हैं। ऐसे में उन्हें लुभाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रयासरत हैं। भाजपा सरकार की लाडली बहना और कांग्रेस की नारी सम्मान योजना दोनों ही इस बार के चुनाव में मुख्य मुद्दों में शामिल हैं। भाजपा ने लाडली बहन योजना शुरू कर महिलाओं के खाते में 1250 सो रुपए देना शुरू किया है जबकि कांग्रेस की ओर से कमलनाथ ने यह वायदा किया है कि उनकी सरकार आने पर महिलाओं को ₹1500 प्रति माह दिए जाएंगे। इसके लिए कांग्रेस ने फॉर्म भी भरवाए हैं।
सनातन
सनातन भी 2023 के चुनाव में एक प्रमुख मुद्दा होगा। भाजपा जहां तमिलनाड के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान को भुनाने का प्रयास करेगी, वहीं कांग्रेस रामपथ गमन, महाकाल लोक में मूर्तियों को टूटना जैसे विषयों से भाजपा को जवाब देगी। ओंकारेश्वर में स्थापित आदि शंकराचार्य की प्रतिमा को भी भाजपा अपने प्रचार में शामिल करेगी।
परिवाद
परिवारवाद का आरोप भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां एक दूसरे के ऊपर लगाती आई हैं। विधानसभा चुनाव में परिवारवाद का मुद्दा भी प्रमुखता से गूंजेगा। भाजपा का हमेशा से कांग्रेस पर ये आरोप रहा है कि कांग्रेस सिर्फ एक परिवार की पार्टी है। जबकि कांग्रेस का कहना है कि भाजपा वंशवाद को समाप्त करने की बात जरूर करती है लेकिन इनकी पार्टी में वंशवाद फलफूल रहा है।