शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश के शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का अतिथि शिक्षकों को लेकर एक बयान ने बवाल मचा दिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनके हितों की रक्षा सरकार करेगी। लेकिन उपयोगिता भी देखी जाएगी। नाम क्या है उनका अतिथि आप मेहमान बनकर आओगे तो क्या घर पर कब्जा करोगे। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि जहां शिक्षक कम हैं, वहां अतिथि शिक्षकों की सेवा ली जाती है। बाकी अतिथि शिक्षकों के हितों की चिंता विभाग कर रहा है।
इस बयान पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि स्कूल शिक्षा मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। पटवारी ने कहा कि कब्जा क्या होता है? आप व्यवस्था के अंतर्गत अतिथि शिक्षकों को रखते हो। वे सेवाएं देते हैं। आप सेवाएं लेना चाहते हैं और बाद में अपमानित करना चाहते हो। वो भी मंत्री यानि सरकार का एक नुमाइंदा। एक मंत्री का बयान मंत्रिमंडल की सामूहिक जिम्मेदारी होती है। मैं मानता हूं कि शिक्षा मंत्री को माफी मांगनी चाहिए।
पांच सूत्री मांगों को लेकर किया था आंदोलन
दरअसल, आठ हजार से ज्यादा अतिथि शिक्षक नियमितिकरण समेत पांच मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने बीते 10 सितंबर को भोपाल में तिरंगा यात्रा निकालकर प्रदर्शन भी किया था। बारिश के बीच प्रदर्शन छह घंटे तक चला था।
अतिथि शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप से भी मुलाकात कर चुका है। लेकिन अब तक बात नहीं बनी है। शिक्षा मंत्री ने अतिथि शिक्षकों के खिलाफ इस प्रकार का बयान देकर आग में घी छिड़कने का काम किया है। पहले से ही अतिथि शिक्षक राज्य सरकार के खिलाफ नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर काफी आक्रोशित हैं। ऊपर से स्कूल शिक्षा मंत्री की तरफ से इस प्रकार का बयान आने के बाद आगे क्या होगा यह एक दिलचस्प पहलू होगा।