फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mp:हार्ट की गंभीर बीमारी से जूझ रहे कैंसर मरीज की BMHRC में जटिल सर्जरी, दोबारा कैंसर होने की आशंका को किया कम

Fri, 11 Oct 2024 04:03 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

बीएमएचआरसी में हार्ट की गंभीर बीमारी से जूझ रहे कैंसर मरीज की जटिल सर्जरी की गई है। चिकित्सकों का कहना है कि जीभ के कैंसर से जूझ रहे थे 52 वर्षीय मरीज को दोबारा कैंसर होने की आशंका को भी कम किया गया है। 
विज्ञापन
मरीज के साथ डॉ. सोनवीर गौतम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हार्ट अटैक के खतरे से जूझ रहे 52 वर्षीय कैंसर मरीज की भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में सफल सर्जरी हुई है। मरीज को जीभ का कैंसर था और जो काफी फैल चुका था। सर्जरी के बाद अब मरीज को दोबारा कैंसर होने की आशंका भी काफी कम हो गई है। 
विज्ञापन


डॉक्टर बोले- परेशन के वक्त आ सकता था हार्ट अटैक
बीएमएचआरसी के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ सोनवीर गौतम ने बताया कि सागर के रहने वाला इस मरीज को 3 महीने पहले पता चला कि वह जीभ के कैंसर से जूझ रहे हैं। सर्जरी करना आवश्यक था, लेकिन हार्ट का इजेक्शन फ्रैक्शन (Ejection Fraction)  कम होने से ऐसा करना बहुत रिस्की था। मरीज को ऑपरेशन के वक्त हार्ट अटैक आ सकता था और उनकी जान जा सकती थी। इसी वजह से कई अस्पतालों ने सर्जरी करने से इनकार कर दिया था, लेकिन हमने बीएमएचआरसी में एनेस्थीशियोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ कनिका सुहास व अन्य डॉक्टरों के साथ मिलकर मरीज की सफल सर्जरी की। उन्होंने बताया कि सर्जरी के दौरान गर्दन की दोनों तरह की गांठों को भी निकाल दिया गया, जिससे मरीज को भविष्य में कैंसर होने की संभावना बहुत कम हो गई। मरीज की हालत में अब काफी सुधार है और उनकी अस्पताल से छुट्टी कर दी गई है।


क्या होता है इजेक्शन फ्रैक्शन
बीएमएचआरसी के एनेस्थीशियोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ कनिका सुहाग ने बताया कि इजेक्शन फ्रैक्शन (Ejection Fraction)  यह दर्शाता है कि हर धड़कन के साथ हृदय से कितना प्रतिशत रक्त शरीर में पंप हो रहा है। यह हृदय की कार्यक्षमता का संकेत देता है। सामान्य इजेक्शन फ्रैक्शन 50-70% होता है। इससे कम इजेक्शन फ्रैक्शन वाले मरीजों का ऑपरेशन रिस्की होता है, क्योंकि सर्जरी के दौरान हृदय की पंपिंग क्षमता और रक्त प्रवाह कम हो जाता है, जिससे उन्हें हार्ट अटैक या अन्य जटिलताएं हो सकती हैं।
विज्ञापन



अत्यंत जोखिम भरी थी सर्जरी
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि यह सर्जरी हमारी टीम के उत्कृष्ट समन्वय और कुशलता का परिणाम है। मरीज का इजेक्शन फ्रैक्शन कम होने के कारण सर्जरी अत्यंत जोखिम भरी थी, लेकिन सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और एनेस्थीशियोलॉजी विभागों ने मिलकर इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया। हमें गर्व है कि मरीज अब स्वस्थ हैं और दोबारा कैंसर होने की आशंका भी कम हो गई है। बीएमएचआरसी गैस पीड़ित व अन्य मरीजों को उच्चतम चिकित्सा सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।"
विज्ञापन

,
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें