महिला एवं बाल विकास आयुक्त संदीप जीआर बच्चों के साथ
- फोटो : अमर उजाला
महिला एवं बाल विकास विभाग के नवागत आयुक्त संदीप जीआर गुरुवार को सीहोर जिले के आंगनवाड़ी केंद्र डोडी क्रमांक-58 पहुंचे। उन्होंने यहां व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ बच्चों और महिला हितग्राहियों से सीधे बातचीत कर आंगनवाड़ी केंद्र पर मिलने वाली सेवाओं का फीडबैक लिया। बच्चों से उन्होंने नाश्ते और गर्म पके भोजन के स्वाद और गुणवत्ता के बारे में सहजता से जानकारी ली। आयुक्त ने केंद्र पर तीन से छह वर्ष की उम्र के बच्चों को दिए जा रहे नाश्ते और गर्म पके भोजन की गुणवत्ता देखी। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे स्थानीय टेक होम राशन की स्थिति भी जानी। उन्होंने शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों और अन्य पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का भी अवलोकन किया।
ये भी पढ़ें-
एमपी में यात्री परिवहन का नया विजन: एआई से तय होंगे बस रूट, इलेक्ट्रिक बसों पर जोर; 11 सितंबर से समिट
बच्चों के लिए आंगनवाड़ी बने रुचिकर केंद्र
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण तक सीमित नहीं हैं। यहां बच्चों के समग्र विकास, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और मातृ-शिशु कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाएं दी जाती हैं। उन्होंने केंद्रों को अधिक सक्रिय, जीवंत और बाल हितैषी बनाने पर जोर दिया। आयुक्त ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से शाला पूर्व शिक्षा गतिविधियों, पोषण ट्रैकर के इस्तेमाल और कुपोषित बच्चों के उपचार एवं प्रबंधन की जानकारी ली। पोषण ट्रैकर में उपलब्ध वीडियो के माध्यम से बच्चों के साथ कराई जा रही गतिविधि का उन्होंने प्रत्यक्ष अवलोकन भी किया। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए बच्चों के लिए गतिविधि आधारित और रुचिकर शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ये भी पढ़ें-
एमपी के नए चीफ जस्टिस ने ली शपथ: गोधरा दंगा मामलों में रहे विशेष लोक अभियोजक, जानें कौन हैं अल्पेश यशवंत कोगजे
योजनाओं के लाभ की भी ली जानकारी
संदीप जी.आर. ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विभाग की अन्य योजनाओं में नए हितग्राहियों के पंजीयन और उन्हें मिल रहे लाभ की स्थिति भी जानी। उन्होंने अधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने और मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।