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एमपी: सीएम ने पुलिस अफसरों की लगाई क्लास, बोले- अवैध शराब, रेत और ड्रग्स का कारोबार बिल्कुल नहीं चलेगा

Tue, 03 Nov 2026 10:29 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

अवैध शराब, ड्रग्स और रेत के कारोबार पर कार्रवाई में ढिलाई को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। उन्होंने पुलिस मुख्यालय में अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त करने, नारकोटिक्स का इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करने और अवैध कारोबार में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में अवैध शराब, ड्रग्स और दूसरे संगठित अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नाराज मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की जमकर क्लास ली। मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में उन्होंने साफ कहा कि अब अवैध कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे अवैध शराब की बिक्री हो, उसका परिवहन हो या अवैध रेत का कारोबार, जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को पांच जिलों में फैले अवैध शराब कारोबार के नेटवर्क को ध्वस्त करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बैठक में ड्रग्स माफिया, अवैध शराब कारोबार और संगठित अपराधों के खिलाफ प्रदेशव्यापी अभियान की रणनीति भी तय की गई।
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बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिए कि पुलिस मुख्यालय में कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों के लिए तत्काल एक अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी घटना के बाद पुलिस की ओर से समय पर सही जानकारी सामने आनी चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि घटनाक्रम की जानकारी के लिए मीडिया और आम लोगों को इधर-उधर भटकना पड़े।
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केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई करें, यह अच्छी बात नहीं
ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ने नारकोटिक्स विंग के कामकाज की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डीआरआई और एनसीबी जैसी केंद्रीय एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं, जबकि राज्य पुलिस को भी अपने स्तर पर मजबूत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने एडीजी नारकोटिक्स को अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जरूरत के मुताबिक स्टाफ और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।  

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शराब दुकान की जगह एजेंट क्यों बेच रहे शराब?
अवैध शराब की बिक्री पर मुख्यमंत्री ने खास नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल किया कि जब प्रदेश में शराब की दुकानें निर्धारित हैं तो एजेंटों के माध्यम से शराब की बिक्री कैसे हो रही है? उन्होंने पुलिस अधीक्षकों और जिला आबकारी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए। कहा कि दोनों विभाग मिलकर सुनिश्चित करें कि अवैध शराब की बिक्री और परिवहन न हो। इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाए और लापरवाही करने वालों पर भी कार्रवाई हो। अवैध रेत के कारोबार पर भी इसी तरह सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। 
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सीएम ने कहा शहीद जवान के परिवार को हरसंभव सहायता 
देवास जिले की घटना पर सीएम ने कहा कि  हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है कि अवैध शराब पकड़ने के दौरान अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले जवान और उनके परिवार को हरसंभव सहायता दी जाए। जवान ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए जिस साहस और समर्पण का परिचय दिया, वह हम सभी के लिए गौरव की बात है। हालांकि, इस दुखद घटना से मुझे अत्यंत पीड़ा हुई है। ऐसे कठिन समय में परिवार को संबल देने के लिए हमने वीर बलिदानी दिलीप पुरी की धर्मपत्नी को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने और परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी परिवार को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।

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पटाखों का उपयोग करते समय बरते सावधानी 
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील कि दीपावली के पावन पर्व पर पटाखों का उपयोग करते समय पूरी सावधानी बरतें। विशेष रूप से अपने बच्चों को खतरनाक पटाखों से दूर रखें। कार्बाइड और इस प्रकार के विस्फोटक पटाखों से मानव जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है। इनसे आंखों की रोशनी जाने तक का खतरा रहता है। इसलिए अपने बच्चों, परिवार और आसपास के लोगों को ऐसे खतरनाक पटाखों से बचाएं। सभी प्रदेशवासी सावधानी बरतें और सुरक्षित एवं आनंदमय दीपावली मनाएं। बैठक में दीपावली के दौरान कानून-व्यवस्था, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और खतरनाक पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
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