मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मध्यप्रदेश अब सिर्फ टाइगर स्टेट ही नहीं, चीता स्टेट के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर विशेष कैबिनेट का आयोजन किया। इस कैबिनेट में मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पूरे होने पर अभिनंदन संकल्प पारित किया गया। इस विशेष कैबिनेट बैठक की मीडिया को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन की उपलब्धियां गिनाई। इस अवसर पर चर्चा में उन्होंने वन्यजीव संरक्षण से लेकर प्रदेश में हुए बदलावों तक की चर्चा की। चीतों को लेकर उन्होंने कहा कि अब ऐसा लगता है, जैसे चीता हमारे घर का बच्चा हो। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में 900 कानून खत्म किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें भी यह संख्या सुनकर विश्वास नहीं हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क से शुरू हुआ चीता प्रोजेक्ट अब गांधी सागर और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व तक पहुंच गया है। प्रदेश में चीतों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है, जिनमें 38 का जन्म भारत में हुआ है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में जब चीतों की मौत होने लगी थी, तब चिंता हुई थी कि परियोजना सफल हो पाएगी या नहीं। उस समय उन्होंने बाबा महाकाल से चीतों की रक्षा के लिए प्रार्थना की थी। अब इनकी संख्या बढ़ने से खुशी होती है।
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‘चीते मध्यप्रदेश में जीते हैं’
मोहन यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। अब मध्यप्रदेश में तीन स्थानों पर चीते हैं और उन्हें देखकर आनंद आता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है और वन्यजीव संरक्षण में भी नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। कान्हा के सूपखार क्षेत्र में करीब 100 साल बाद जंगली भैंसों की वापसी की पहल भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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मोदी के 25 साल पर कैबिनेट का अभिनंदन संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद ने सर्वसम्मति से अभिनंदन संकल्प पारित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक मोदी की यात्रा में गरीब कल्याण, डिजिटल तकनीक, राष्ट्रीय सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कई काम हुए हैं। उन्होंने जीएसटी, यूपीआई, चंद्रयान मिशन, अनुच्छेद 370 हटाने, श्रीराम मंदिर और महाकाल लोक जैसी पहलों का उल्लेख किया।
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निवेश और विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचाई, मेट्रो, रेल, ऊर्जा और औद्योगिक विकास की परियोजनाएं आगे बढ़ रही हैं। उनके अनुसार, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में 30.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे। सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प दोहराया है।