भोपाल के त्विषा शर्मा मौत मामले में बचाव पक्ष ने जेल में मुलाकात के लिए निर्धारित 20 मिनट का समय बढ़ाने की मांग की है। 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में केस ट्रांसफर और जबलपुर हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है।
राजधानी भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में बचाव पक्ष ने जेल में आरोपियों से मुलाकात के लिए निर्धारित 20 मिनट के समय को नाकाफी बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की है। सोमवार को भोपाल की अदालत में आरोपी सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे व त्विषा शर्मा के पति अधिवक्ता समर्थ सिंह के वकीलों ने इस संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष का कहना है कि इतने कम समय में मामले के महत्वपूर्ण तथ्यों, दस्तावेजों और कानूनी रणनीति पर विस्तार से चर्चा करना मुश्किल है। हालांकि, जिला अदालत ने इस मांग पर अभी कोई आदेश नहीं दिया है। अब 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट और जबलपुर हाईकोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई पर भी सभी की निगाहें टिकी हैं।
त्विषा शर्मा की मौत के मामले में जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के बीच अब जेल में मुलाकात का समय बढ़ाने की मांग, मामले को दूसरी अदालत में स्थानांतरित करने की याचिका और जमानत की कार्यवाही प्रमुख मुद्दे हैं। फिलहाल, मुलाकात के समय को लेकर अदालत के फैसले और 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तथा जबलपुर हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।