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MP Cabinet Meeting: कैबिनेट ने गाय के आहार का अनुदान 40 रुपये किया, पीपीपी मोड पर बनेंगी बृहद गौशालाएं

Tue, 08 Apr 2025 06:06 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP Cabinet Meeting News: गायों के आहार का अनुदान 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया। एक अप्रैल से बढ़े हुए अनुदान मिलेंगे।
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एमपी कैबिनेट बैठक में मौजूद लोग - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक में कई आम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक गौमाता को समर्पित रही। इसमें गायों को लेकर तीन आम निर्णय लिए गए। इसमें गायों के आहार का अनुदान 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया। एक अप्रैल से बढ़ा हुआ अनुदान मिलेगा। इसके अलावा बृहद गौशालाएं बनाने और मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम बदलकर डॉ. आंबेडकर पशुपालन विकास योजना रखने का निर्णय लिया गया है।

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प्रदेश में पांच हजार गायों की क्षमता की बृहद गौशालाएं बनाई जाएंगी। इसके लिए पीपीपी मोड में गौशाला निर्माण के लिए लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना का नाम बदलकर डॉक्टर आंबेडकर पशुपालन योजना रखा गया है। डॉ. आंबेडकर पशुपालन विकास योजना 14 अप्रैल को लांच किया जाएगा।

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पार्वती काली सिंध चंबल नदी जोड़ो परियोजना के तहत दाब युक्त माइक्रो इरिगेशन की प्रशासनिक स्वीकृत दी गई है। यह एक बड़ी परियोजना है, इससे 60,000 हेक्टेयर में सिंचाई होगी, जिसके लिए 2932 करोड़ की मंजूरी कैबिनेट ने दी है। इससे मल्हारगढ़ और मंदसौर को सिंचाई के लिए फायदा मिलेगा।

कैबिनेट ने लोकवित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम के अंतर्गत अनुमोदन किया गया है। इसके तहत राज्य में कोई भी नवीन कार्यक्रम प्रारंभ किए जाने के लिए कैबिनेट की सैद्धांतिक सहमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। पूंजीगत परियोजनाओं और कार्यों की स्वीकृति के लिए सक्षम स्तर की समितियों के वित्तीय अधिकारों में दोगुनी वृद्धि की गई है।

परियोजनाओं/कार्यों की स्वीकृति के लिए पीएम-गतिशक्ति का उपयोग अनिवार्य होगा। परियोजनाओं/कार्यों को जीआईएस आधारित बनाने की आवश्यकता हेतु MPSEDC के geoportal पर प्लानिंग करना अनिवार्य होगा। परियोजना/कार्य में स्वीकृत लागत में वृद्धि होने पर पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने हेतु प्रशासकीय विभाग को पुनः सक्षम वित्तीय समिति की अनुशंसा प्राप्त करनी होगी। परंतु परियोजना/कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति के 10 प्रतिशत तक राशि व्यय करने की अनुमति रहेगी।

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शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एड सील इंडिया लिमिटेड के साथ Mou हुआ है। इससे बच्चों में पढ़ाई की स्किल बढ़ाने, क्षमता बढ़ाने और रोजगार प्रशिक्षण देने को लेकर निर्णय लिया गया है। राज्य की विद्युत कंपनियों के लिए कर सेल पूंजी नकद ऋण की सुविधा हेतु सरकारी गारंटी दी जाएंगी।इसका कैश फ्लो बना रहे, इसके लिए हमारी सरकार समय-समय पर इन कंपनियों को गारंटी देती है।तीनों विद्युत वितरण कंपनियां के लिए वर्ष 2024-25 से 28-29 तक प्रतिवर्ष राशि 12,466 करोड़ रुपये की नकद साख सुविधा, कार्यशील पूंजी ऋण हेतु शासकीय प्रत्याभूति तक प्रदान की जाएगी। इसमें प्रस्तावित गारंटी पर मात्र 0.5 प्रतिशत की दर से प्रत्याभूति होगा।
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मेडिकल कॉलेज पीपीपी मोड में खोलने के लिए पिछले निर्णय में संशोधन किया गया है। पिछले प्रावधानों में निवेशकों को खुद जमीन बताना था। लेकिन अब सरकार संशोधन के तहत सरकार इनको सरकारी जमीन उपलब्ध कराएंगी। यह जमीन एक रुपये में 25 एकड़ के हिसाब से लीज पर मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए दी जाएगी। पहले यह प्रावधान नहीं था, निवेशकों को खुद ही जमीन देखनी पड़ती थी।

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लेकिन अब निवेशकों को सरकार सरकारी जमीन उपलब्ध करावाएगी। इससे इन्वेस्टमेंट का मॉडल अट्रैक्टिव होगा तो लोग ज्यादा अट्रैक्ट होंगे। जिला अस्पतालों को प्राइवेट डेवलपर्स को ट्रांसफर करने में बदलाव किया गया है। अब हमारे जिला अस्पताल वैसे ही रहेंगे यानी सरकारी नियंत्रण में रहेंगे। अब केवल निजी मेडिकल कॉलेज को अन डेवलपर को जिला अस्पताल से संबंध किया जाएगा। आम आदमी के लिए जिला अस्पताल और बेहतर ढंग से उपलब्ध रहेगी।

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