मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र के चौथे दिन आज राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार की कई योजनाओं को लेकर जमकर घेरा। उमंग सिंघार ने सदन में कहा कि लोकतंत्र को जंजीर से बांधा जा रहा है, सत्र लगातार छोटे हो रहे है। कई अहम मुद्दों पर सदन में चर्चा नहीं हुई। आज विपक्ष आपके किये वादों को याद नहीं दिलाएगा तो ये जनता से न्याय नहीं है।प्रदेश में जल जीवन मिशन योजना की क्या स्थिति है। गर्मी आने वाली है, लेकिन लोगों को घर तक पानी नहीं मिल रहा। युवाओं की प्रदेश सरकार बात नहीं करती है। लाड़ली बहना योजना को लेकर 3 हजार देने का वादा किया, लेकिन उससे भी सरकार ने मुंह मोड़ लिया। युवाओं के लिए सरकार रास्ता नहीं खोलना चाहती है। रिटायरमेंट की उम्र 60 से 62 कर दी है, अब रिटायरमेंट नहीं होगा तो युवाओं के लिए रास्ता कैसे खुलेगा।
प्रदेश भुखमरी के मामले में चौथे पायदान पर
सिंघार ने कहा कि सदन में सरकार ने कहा प्रदेश में भुखमरी नहीं है, लेकिन ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट बताती है प्रदेश भुखमरी के मामले में चौथे पायदान पर है। एमपी के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र को डाबोस में निमंत्रण मिला लेकिन हमें नहीं। सिंघार ने कहा कि 27 फीसदी आरक्षण ओबीसी को मिलना चाहिए, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। प्रदेश में नर्सिंग घोटाला हुआ है, परिवहन विभाग में आज भी घोटाला जारी है। नाके बंद लेकिन साइड से वसूली जारी है, भ्रष्टाचार के मामले कैसे रुकेंगे ? लोकायुक्त के प्रतिवेदन आते हैं, लेकिन पटल पर क्यों नहीं आते।
यह भी पढ़े
https://www.amarujala.com/madhya-pradesh/bhopal/mp-assembly-session-congress-protested-against-transport-scam-umang-singhar-attacked-cm-mohan-yadav-2025-03-13
MP Assembly Session: परिवहन घोटाले को लेकर कांग्रेस का विरोध, सिंघार ने सरकार को घेरा, कहा- जांच होनी चाहिए
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के भाषण के मुख्य बिंदु
1- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने "GYAN" (ज्ञान) का मंत्र दिया है यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी। लेकिन प्रदेश में जलजीवन मिशन की क्या स्तिथि है ? गरमी आ रही है लेकिन लोगों को पानी नहीं मिल रहा। ये कैसा ज्ञान ?
2- युवाओं की बात भी की गई लेकिन क्या प्रदेश के युवाओं को नौकरी मिली ? बल्कि उल्टा प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर ही सरकार ने केस लगा दिए। युवाओं को नौकरी कब मिलेगी ये स्पष्ट होना चाहिए।
3- इसमें महिलाओं की बात की गई, लेकिन लाडली बहनों के साथ धोखा किया गया। उन्हें 3 हजार का वादा कर राशि नहीं दी गई।
4- सरकार कुपोषण खत्म करने की बात करती है, लेकिन NFHS की रिपोर्ट के मुताबिक बीमारू राज्यों में मध्यप्रदेश चौथे नंबर पर है। वित्त मंत्री क्यों झूठे आंकड़े दे रहे हैं।
5- सरकार लघु उद्योगों को बढ़ाने की बात कर रही है लेकिन 20 साल से भाजपा की सत्ता है कभी इन्होंने महेश्वरी साड़ी, बाग प्रिंट और हथकरघा जैसे उद्योगों पर ध्यान नहीं दिया। 20 साल में सरकार सिर्फ ब्रांडिंग करती रही।
6-जीआईएस का आयोजन हुआ, लाखों के MOU साइन हुआ, बड़े उद्योगपति को सब दिया जाता है लेकिन गरीब की जमीन छीन ली जाती है और उसका बिजली का कनेक्शन काटा जाता है। इसपर सरकार जवाब नहीं देती।
7- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मध्य प्रदेश को आखिर क्यों नहीं बुलाया गया। हमारे आसपास के राज्य महाराष्ट्र तेलंगाना केरल के आसपास उद्योग लगाए गए। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम मध्य प्रदेश को गरीब राज्य समझता है।
8- सरकार किसान सम्मान निधि देती है लेकिन किसान को फसल बीमा और एमएसपी चाहिए। वो सरकार कब देगी। क्या 6 हजार सम्मान निधि में किसी का घर चलता है।
9- एससी एसटी छात्रों को छात्रवृत्ति भी नहीं मिल पा रही और जो मिल रही है वो बेहद कम है। सरकार बताए कि पिछले 5 वर्षों में छात्रवृत्ति में कितनी वृद्धि हुई?'क्या यह महंगाई व शिक्षा लागत के अनुसार पर्याप्त है? छात्रवृत्ति पर सरकार को अपनी नीति स्पष्ट करना चाहिए। नर्सिंग की छात्रवृत्ति भी घोटाले के चलते अटकी हुई है।
10- 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण पर सरकार अपनी तरफ से कब इसपर निर्णय लेगी ? कोर्ट का फैसला आ गया है सरकार चाहे तो भर्तियों को लेकर फैसला ले सकती है।
11- सांची उद्योग को भी देने की तैयारी चल रही है। इससे पशुपालन करने वाले और किसानों को क्या लाभ मिलेगा ? इसपर भी सरकार को सोचना होगा।
12- केन-बेतवा परियोजना में सरकार विस्थापित लोगों के लिए क्या कर रही है। इसमें पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई के लिए क्या ठोस कार्ययोजना है ? इसपर भी सरकार को नीति स्पष्ट करना चाहिए।