बीते पांच साल ऐसे रहे प्रदेश के बजट
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सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं का बढ़ता व्यय
पिछले तीन वर्षों में कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च में तेजी आई है। लाडली बहना योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है। शुरुआत में 1,250 रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया गया है। इस योजना पर सालाना लगभग 19 से 22 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसी तरह किसान सम्मान निधि के अंतर्गत लगभग 87 लाख किसानों को सहायता दी जाती है, जिस पर करीब 5 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक व्यय होता है। स्कूटर और लैपटॉप जैसी प्रोत्साहन योजनाएं भी वित्तीय भार बढ़ा रही हैं। इसके अलावा, कुल बजट का लगभग 27 प्रतिशत हिस्सा वेतन, भत्तों और पेंशन पर खर्च किया जा रहा है, जिससे राजकोष पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
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तीन साल के अग्रिम अनुमान होंगे
इस बार सरकार बजट प्रक्रिया में ‘रोलिंग बजट’ प्रणाली लागू करने जा रही है। इसके तहत 2026-27 के साथ-साथ 2027-28 और 2028-29 के लिए भी अग्रिम अनुमान और वित्तीय रूपरेखा प्रस्तुत की जाएगी। हर वर्ष इन प्रावधानों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से योजनाओं को दीर्घकालिक दृष्टि के साथ लागू करने में मदद मिलेगी और नीतियां अधिक परिणामोन्मुख बन सकेंगी।