उद्योगों को 30 हजार करोड़ का इंसेंटिव
उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए प्रोत्साहन नीतियों के तहत इंसेंटिव दिए जाने का भी एलान किया गया है। इससे भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार की ओर से पांच साल में उद्योगों को करीब 30 हजार करोड़ का इंसेंटिव दिया जाना प्रस्तावित है, जबकि इस साल इंसेंटिव के लिए तीन हजार 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह पिछले साल से 551 करोड़ अधिक है।
यह खबर भी पढ़े:
MP Budget 2025: लाडली बहनों को मिलेगा अटल पेंशन योजना का लाभ, बैगा-भारिया महिलाओं को पोषण मदद; जानें क्या खास
गरीबों को योजनाओं का पैकेज देगी सरकार
बजट में 'मुख्यमंत्री समृद्ध परिवार योजना' की घोषणा की गई। इसके तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीने वाले परिवारों को एक-दो योजनाओं की जगह, उनकी पात्रता अनुसार योजनाओं का पैकेज दिया जाएगा।
बजट में मप्र प्रदेश सरकार के बड़े एलान।
- फोटो : अमर उजाला
किसानों के क्या खास?
बजट में फसल बीमा योजना के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम किसान कल्याण योजना के लिए पांच हजार 220 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, धान पर प्रोत्साहन राशि के रूप में 850 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
उज्जैन सिंहस्थ के लिए क्या मिला?
2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को लेकर सरकार की ओर से बजट में दो हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे सिंहस्थ को लेकर हो रही तैयारियों में और तेजी आएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि सिंहस्थ के कई काम लगातार हो रहे हैं, 2028 तक सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे। बजट में लगातार इसके प्रावधान किए जा रहे हैं, इस बजट में 2000 करोड़ दिए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें:
बजट में खर्चे से ज्यादा आमदनी; जीडीपी ₹250 लाख करोड़ करने का दावा, ग्राफिक्स में समझें सबकुछ
प्रदेश की रफ्तार बढ़ाने का लक्ष्य
सड़कों और पुलों के निर्माण एवं संधारण के लिए वर्ष 2025-26 में 16 हजार 436 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है, जो वर्ष 2024-25 से 34 प्रतिशत अधिक है। बजट में नई योजना का ऐलान किया गया है, क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण योजना बनाई है। इस योजना के लिए 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना प्रारंभ की जा रही है, इसके लिए इस बजट में 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बजट में बताया गया कि अगले पांच सालों में एक लाख किलोमीटर सड़कें बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं पांच सालों में 500 रेलवे ओवरब्रिज, फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इस साल 3500 किलोमीटर नवीन सड़कें और 70 पुल बनाए जाने का लक्ष्य है।
नगरीय विकास के लिए दो हजार करोड़
नगरीय विकास के लिए 18 हजार 715 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। यह पिछले यानी 2024-25 के बजट से करीब दो हजार करोड़ रुपये ज्यादा है। इससे प्रदेश के शहरों ने स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और जनसुविधाओं के क्षेत्र में अनके कार्य किए जाएंगे।
जीरो बेस्ड बजटिंग प्रक्रिया अपनाई
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट की शुरुआत में कहा कि इस बार का बजट जीरो बेस्ड बजटिंग प्रक्रिया से तैयार किया गया है। इस प्रक्रिया के माध्यम से बजट में प्रावधानित राशि, सही योजना में, सही आकार और सही परिणाम प्राप्त करने में सार्थक रहेगी। आगामी वर्षों में बजट को और अधिक सार्थक, संतुलित व सरल बनाने के प्रयास रहेंगे।