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MP Budget 2025: मध्यप्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति पर 43 हजार रुपये का कर्ज, सात साल में तीन गुना से अधिक बढ़ा

Sat, 08 Mar 2025 06:22 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP Budget 2025: मध्यप्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति पर 43 हजार रुपये का कर्ज है। वहीं, सात साल में यह कर्ज तीन गुना से अधिक बढ़ा है।
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मध्यप्रदेश बजट में कर्ज का लेखा-जोखा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश सरकार पर कुल कर्ज अब लगभग 4.22 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, और राज्य के प्रत्येक व्यक्ति पर औसतन करीब 43 हजार रुपये का कर्ज है। यह कर्ज पिछले सात वर्षों में तीन गुना बढ़ा है। हालांकि, अब यह देखना होगा कि सरकार अगले वर्षों में कर्ज के बोझ को कैसे नियंत्रित करती है और विकास की गति को बनाए रखते हुए वित्तीय प्रबंधन में सुधार करने के लिए कौन से कदम उठाती है।

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एमपी बजट 2025-26 में राज्य का बढ़ता कर्ज योजनाओं और विकास कार्यों के लिए एक वित्तीय संकट उत्पन्न कर सकता है। हालांकि, सरकार का कहना है कि यह कर्ज विकास परियोजनाओं और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लिया जा रहा है। 

मार्च 2024 में राज्य पर कुल कर्ज 3.75 लाख करोड़ था, जो फरवरी 2025 तक बढ़कर 4.22 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। इस समय मध्यप्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति पर अनुमानित कर्ज करीब 43 हजार रुपये हो गया है। मार्च 2016 के अंत में प्रति व्यक्ति कर्ज करीब 13,853 रुपये था, जो अब तीन गुना से अधिक बढ़ चुका है।
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देश में देनदारियों के मामले में नौंवे स्थान पर है मध्यप्रदेश
कर्ज के मामले में मध्यप्रदेश देश में नौवें स्थान पर है, जबकि तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और गुजरात जैसे राज्य कर्ज के मामले में मध्यप्रदेश से आगे हैं। प्रदेश सरकार औसतन हर महीने 10 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज ले रही है। इसके अलावा, सरकार को पिछले बजट के अनुसार हर साल करीब 29 हजार करोड़ रुपये का ब्याज चुकाना पड़ रहा है, जो 2024-25 के बजट का 10 प्रतिशत से अधिक है।

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प्रति व्यक्ति कर्ज - फोटो : अमर उजाला
वित्तीय जानकारों की राय
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को विकास कार्यों के लिए कर्ज लेना पड़ता है, लेकिन बढ़ता कर्ज राज्य की आर्थिक स्थिरता के लिए चुनौती उत्पन्न कर सकता है। सरकार का कहना है कि कर्ज का सही उपयोग विकास कार्यों और योजनाओं में हो रहा है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। विपक्ष ने इस बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, उनका कहना है कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण कर्ज का बोझ बढ़ा है, जो भविष्य में राज्य की वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

सरकार की प्राप्तियां (2024-25 बजट के अनुसार)
  • राज्य कर: 1,02,097 करोड़ रुपये
  • केंद्रीय करों में हिस्सा: 95,753 करोड़ रुपये
  • करेतर राजस्व: 20,603 करोड़ रुपये
  • केंद्र से सहायता एवं अनुदान: 44,891 करोड़ रुपये
  • अन्य प्राप्तियां: 66,848 करोड़ रुपये
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