वित्तीय जानकारों की राय
वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को विकास कार्यों के लिए कर्ज लेना पड़ता है, लेकिन बढ़ता कर्ज राज्य की आर्थिक स्थिरता के लिए चुनौती उत्पन्न कर सकता है। सरकार का कहना है कि कर्ज का सही उपयोग विकास कार्यों और योजनाओं में हो रहा है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। विपक्ष ने इस बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, उनका कहना है कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण कर्ज का बोझ बढ़ा है, जो भविष्य में राज्य की वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
सरकार की प्राप्तियां (2024-25 बजट के अनुसार)
- राज्य कर: 1,02,097 करोड़ रुपये
- केंद्रीय करों में हिस्सा: 95,753 करोड़ रुपये
- करेतर राजस्व: 20,603 करोड़ रुपये
- केंद्र से सहायता एवं अनुदान: 44,891 करोड़ रुपये
- अन्य प्राप्तियां: 66,848 करोड़ रुपये