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Ijtema News: जमातों की आवाजाही तेज, अगले महीने पहुंचेंगी भोपाल; शामिल होंगे इज्तिमा में…जानें क्या है आयोजन

Sat, 12 Oct 2024 04:04 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP: दुनिया के तीसरे सबसे बड़े मजहबी समागम के नाम से पहचाने जाने वाले आलमी तबलीगी इज्तिमा की तारीखों के ऐलान के साथ जमातों की हलचल तेज हो गई है। दिल्ली स्थित मरकज पहुंच रही देशभर की जमातों को दिए जा रहे शेड्यूल में इस बात को शामिल किया गया है कि वे अगले महीने के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक भोपाल पहुंच जाएंगे। 
 
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आलमी इज्तिमा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आलमी तबलीगी इज्तिमा का आयोजन इस बार नवंबर माह में किया जाएगा। चार दिन के इस आयोजन की शुरुआत 29 तारीख से होगी। इस लिहाज से दुआ ए खास का आयोजन 2 नवंबर को होगा। उम्मीद की जा रही है कि इस आयोजन में इस बार करीब 12 लाख तक जमाती शामिल होंगे। इनमें देशभर की जमातों के साथ दुनिया के कई देशों के जमाती भी शामिल रहेंगे। 

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मरकज पहुंच रहीं जमाते
देशभर से अल्लाह की राह में निकलने वाली जमाते दिल्ली मरकज पहुंच रहीं हैं। बताया जाता है कि यहां से तय किए जाने वाले शेड्यूल में इस तरह का रास्ता तय किया जा रहा है, जिसमें जमातों को अगले महीने भोपाल पहुंचना है। आलमी तबलीगी इज्तिमा में शामिल होने के बाद ही यह अपने अगले सफर पर रवाना होंगे। 

यहां तैयारियां तेज
करीब डेढ़ सौ एकड़ एरिया में आयोजित किए जाने वाले आलमी तबलीगी इज्तिमा के लिए ईंट खेड़ी घासीपुरा पर तैयारियों का दौर शुरू हो गया है। जमीन समतलीकरण और फसलों की कटाई के बाद यहां बिजली, पानी, सड़क के इंतजाम शुरू किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए नगर निगम, पीएचई, पीडब्लूडी, बिजली विभाग समेत अन्य विभागों को जरूरी हिदायत दे दी हैं। 
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क्या होता है इज्तिमा में 
चार दिन के इस मजहबी समागम के दौरान देशभर के बड़े उलेमा शामिल होते हैं। पहले दिन अल सुबह फजिर की नमाज के बाद यहां उलेमाओं की तकरीर और बयान का सिलसिला शुरू हो जाता है। इसके बाद दोपहर और शाम को भी बयान का सिलसिला जारी रहता है। इस बीच तय समय पर यहां नमाज होती हैं। जिसमें एक साथ लाखों लोग एक साथ सजदे करते हैं। चार दिन के इस आयोजन में जुमा की नमाज भी खास होती है। आखिरी दिन होने वाली दुआ ए खास में शामिल होने के लिए भी बड़ी तादाद में लोग पहुंचते हैं। इसके अलावा इज्तिमा के दौरान सादगी के साथ होने वाले निकाह भी खास होते हैं। इज्तिमा समापन पर बड़ी तादाद में जमातों की रवानगी भी होती है, जो देश के विभिन्न प्रदेशों के अलावा कई विदेशी मुल्कों तक भी जाती हैं। 

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