आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल
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राजधानी भोपाल की सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया के 500 आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। दरअसल अस्पताल में वार्ड ब्वॉय और टेक्नीशियन को चार महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते सुबह से ही यहां आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जहां एक तरफ मरीज के परिजनों को खुद व्हील चेयर, स्ट्रैचर धकाने पड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ टेक्नीशियन की हड़ताल के चलते लोगों को पर्चा बनवाने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इधर पूर्व सीएम कमलनाथ ने मध्य प्रदेश सरकार पर जमकर हमने बोला है। उन्होंने कहा है कि लाखों करोड़ का कर्ज प्रदेश सरकार किसके लिए ले रही है? कर्मचारियों को सैलरी तक नहीं दे पा रही है। हालांकि आश्वासन के बाद कर्मचारी काम पर वापस आ गए।
कर्मचारियों की हड़ताल से आम जनता परेशान
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि भोपाल के हमीदिया अस्पताल में चार महीने से वेतन ना मिलने के कारण क़रीब 500 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। मैं मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी से जानना चाहता हूं कि आख़िर कर्मचारियों को वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा है? अगर स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मचारियों को चार-चार महीने तक वेतन देने के लिए पैसे नहीं हैं तो यह लाखों करोड़ का कर्ज प्रदेश सरकार किसके लिए ले रही है?कर्मचारियों की हड़ताल से आम जनता परेशान हो रही है।मैं आपसे मांग करता हूं कि कर्मचारियों को तुरंत वेतन दिया जाए।
कर्मचारियों को घर चलना हो रहा मुश्किल
गौरतलब है कि राजधानी की हमीदिया अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारी की सैलरी नहीं मिलने से उनकी परेशानी पड़ गई है। कर्मचारियों का कहना है कि चार महीने से सैलरी नहीं आई है, हमारा घर चलाने के लिए के लिए भी पैसे नहीं हैं। वहीं हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन ने का कहना है कि शासन स्तर पर बात हुई है, सभी की समस्या का समाधान किया जा रहा है। हमीदिया के आउटसोर्स कर्मचारियों को एजाइल सिक्योरिटी सर्विस कंपनी द्वारा वेतन दिया जाता है। इससे पहले इन कर्मचारियों ने तीन से चार बार कंपनी को पत्र लिखकर शिकायत की थी। पत्र के जवाब में कंपनी द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया गया। इसके चलते कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। अब अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में कंपनी के अलावा शासन स्तर पर भी बातचीत की है, ताकि जल्द से जल्द ये मामला खत्म हो। हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक पुनीत टंडन ने आश्वासन दिया कि बुधवार तक इन कर्मचारियों की 2 महीने की सैलरी और दीवाली से पहले इनका बोनस दे दिया जाएगा। पुनीत टंडन ने सैलरी देरी से आने का कारण प्रोसेसिंग को बताया है।
जीएमसी ने कंपनी को नहीं किया पेमेंट
गांधी मेडिकल कॉलेज में काम करने वाले आउटसोर्स कंपनी एजाइल को पिछले 6 महीने से जीएमसी द्वारा कोई पेमेंट नहीं किया गया है। इसके चलते कंपनी ने कर्मचारियों की सैलरी रोकी थी। एजाइल को जीएमसी के द्वारा करीब 12 करोड़ से अधिक की रकम अभी दी जानी थी। बताया जा रहा है कि फिलहाल शासन स्तर पर अभी 3 करोड़ रुपए की राशि कंपनी को दी जा रही है। जिसके बाद हडताली कर्मचारियों को बुधवार को 2 महीने की सैलरी और दिवाली से पहले बोनस दे दिया जाएगा। हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि कि जिस विभाग में हम काम कर रहे हैं, उसी विभाग से पेमेंट दिया जाए। वार्ड ब्वॉय, हाउस कीपिंग, लैब टेक्नीशियन, ऑपरेटर किसी की भी पेमेंट नहीं आई है। हम लोग पेमेंट के लिए कई बार लगातार आवेदन दे चुके हैं। लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया है। अगर हमारी बात नहीं सुनी गई, तो हम यहां से जिला कलेक्टर के पास जाएंगे। इसके अलावा हम मुख्यमंत्री के सामने भी अपनी परेशानी बताएंगे।