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मियां भोपाली के झोले-बतोले: मधपिरदेश में ‘भावी मुखमंतरी’ का हसीन टोटका

सार

कमलनाथ के नाम से अभी इंदौर में बैनर लग गए हैं। उनमें कमलनाथ को भावी मुख्यमंत्री कहकर प्रचारित किया जा रहा है। 
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अमर उजाला ग्राफिक्स - फोटो : अमर उजाला
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को खां, मधपिरदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कोन-सी पार्टी जीतेगी, किसकी सरकार बनेगी, अभी ते होना हे मगर मुखमंतरी कोन बनेगा ये राज कांगरेस के सियासी नजूमियों ने अभी से जान लिया हे। नतीजा ये हे के पिरदेश के इंदोर सहित कई बड़े शेहरों में पिरदेश कांगरेस अध्यक्ष को अगला मुखमंतरी बनाते हुए ‘भावी मुख्यमंत्री’ के पोस्टर लग गए। ये पोस्टर भी भाजपा और बीजेपी सरकार के उन कट आउट्स के जवाब में लगे हेंगे, जिनमें इंदोर में हो रिए पिरवासी सम्मेलन में शिरकत करने आ रिए पिरधानमंतरी नरेन्द्र मोदी का तहे दिल से स्वागत करा जा रिया हे।

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मियां, सूबे की सियासत में ये पहला मोका हे के जब किसी नेता को पिरदेश का ‘भावी मुखमंतरी’ बता के चुनाव से साल भर पेले से मुबारकबादें दी जा रई हें। बीजेपी की नजर में ये ‘हसीन टोटका’ हेगा। वरना हकीकत तो ये हे के खुद कमलनाथ नई जानते के अगला मुखमंतरी कोन बनेगा। कई पोस्टरों पे लिखा हे के 'एमपी की पुकार, कमलनाथ सरकार' तो कइयों पे 'नए संकल्पों के साथ, साथ-साथ चलेंगे आस्था और विकास, आ रही है कमलनाथ सरकार' लिखा दिखा।

सूबे के सियासी हालात पे नजर रखने वाले अटकल लगा रिए हें के इस ‘भावी मुखमंतरी’ के पोस्टर के मायने क्या हें? गोरतलब हे के 2018 के विधानसभा चुनाव में कोई भी पार्टी को साफ बहुमत नई मिला था, फिर भी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने वाली कांगरेस ने दूसरी दीगर पार्टियों ओर आजाद एमएलए के समर्थन से सरकार बनाई थी। कमलनाथ पेली दफे मुखमंतरी बने थे। उनका ज्यादातर वक्त दफ्तर में ई बीतता था। सरकार बनते ई कांगरेस में राजी नाराजी का खेल शुरू हो गया। कुछ दिनो बाद तो ये समझना भी दुश्वार हो गया आखिर सरकार चला कोन रिया हे ? कमलनाथ, दिग्विजयसिंह या कोई ओर? उस सरकार में सारे के सारे केबिनेट मंतरी थे। कोई किसी की नई सुन रिया था। कमलनाथ ओर दिग्विजयसिंह महाराज ज्योतिरादित्य को हाशिए पे रखने के मुद्दे पे एक थे। नतीजा ये रिया के महाराजा अपने आदमियों के साथ भगवा दल में जाके बेठ गए। सवा साल चली कमलनाथ सरकार गिर गई। देखते देखते कमलनाथ पूर्व मुखमंतरी हो गए। लेकिन बाद में वो पिरदेश कांगरेस अध्यक्ष रेते हुए भी मुखमंतरीगिरी को न भूल पाए। उनके कारकर्ताओं को अब भी लगता हे के साहब फिर मुखमंतरी बनेंगे ओर जो काम उन्हें पांच साल में पूरे करने थे, वो अगली चांस में करेंगे। लिहाजा ‘भूत’ पूर्व मुखमंतरी को ‘भावी’ मुखमंतरी लिखा जा रिया हे। बीजेपी इसके मजे ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ केह के ले रई हे। उसका दावा हे के अगली सरकार भी बीजेपी की ही बनेगी।
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खां, कांगरेस तो क्या उधर बीजेपी में भी ते नई हे के अगला विधानसभा चुनाव कोन के चेहरे पे लड़ा जाएगा। सीएम शिवराज चोहान खुद मान के चल रिए हें के ये बतोर सीएम उनकी  आखिरी पारी हो सकती हे। मगर वो अच्छी यादें छोड़ जाना चाहते हेंगे। बीजेपी हल्कों में चर्चा हेगी  के एमपी में अगला विधानसभा चुनाव पीएम मोदी  के चेहरे पे ई लड़ा जाएगा। बाकी सब पिरचार करेंगे। चुनाव जीता तो उसके बाद ते होगा के कोन बनेगा मुखमंतरी। मगर कांगरेस में एक गुट ने अभी से ते कर लिया हे अगला सीएम तो कमलनाथ ई बनेंगे। ये बात अलग हे के इस मुद्दे पे खुद कांगरेस में एका नई हे। पर कमलनाथ ओर उनके मुसाहिब तो अभी से मान के चल रिए के अगले चुनाव में मुकाबला बतोर चेहरा मोदी बनाम कमलनाथ ई होगा। अब मोदीजी तो पूरे मुल्क के पीएम हें वो तो सीएम बनने से रहे। ऐसे में कमलनाथ ई एमपी की बागडोर संभालेंगे। बस पब्लिक उन्हें अगले चुनाव में जनादेश भर दे दे। 

- बतोलेबाज
 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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