फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मियां भोपाली के झोले-बतोले: मध्य प्रदेश में दोनों पार्टियों में लोक लुभावन वादों की जंग

सार

मध्य प्रदेश में तू शेर तो मैं सवा शेर की तर्ज पर दोनों राजनीतिक दलों ने घोषणाओं का अंबार लगा दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह देने के लिए लाड़ली बहना योजना बनाई तो कांग्रेस ने डेढ़ हजार रुपये प्रतिमाह देने का वादा तक कर दिया। 
विज्ञापन
अमर उजाला ग्राफिक्स - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

को खां, मधपिरदेश में जेसे जेसे विधानसभा चुनाव करीब आते जा रिए हें, वोटर को पटाने की खातिर लोक लुभावन वादों ओर ऐलानों की बाढ़ सी आ गई हे। मुखमंतरी शिवराज तो हर दिन दो चार नई घोषणाएं ठोक देते हें ओर पीछे मुड़के भी नई देखते। पिरशासन ‘आगे पाट पीछे सपाट’ की पालिसी पे चल रिया हे। पुरानी घोषणाओं में से कुछेक पूरी होती हें, कुछ तो फाइलों तक भी नई पोंचती। उधर कांगरेस बीजेपी के ऐलानों के मुकाबिल अपनी जवाबी घोषणाएं कर रई हे। उसका घरेलू ओरतों को 5 सौ रुपये में रसोई गेस सिलेंडर देने  का वादा बीजेपी पे भारी पड़ता लग रिया हे। पार्टी उसका तोड़ निकालने की फिराक में जुटी हे।

विज्ञापन


मियां, चुनावी मेदान में अगर ऐलानों की बात करी जाए तो मुकाबला अब बराबरी का चल रिया हे। इस दर्म्यान बीजेपी खेमे में लगी भीतरी कलह की आग बुझने की बजाय धीरे धीरे बढ़ती ही जा रई हे। सागर जिले के दो आला मंतरी एक दूसरे के खिलाफ खुले आम खम ठोक रिए हें। कोई किसी की नई सुन रिया। सीएम ने कोशिश करी तो भी बात नई बनी। दूसरी तरफ शिवराज के खास एक मंतरी भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ लोकायु्क्त में मामला दर्ज हो गया हे फिर भी वो मंतरी पद से इस्तीफा नई दे रिए। गजब ये के वो मंतरी भी  रेंगे ओर जांच भी चलेगी। दूसरी तरफ कारकरता अलग नाराज चल रिए हें। मुगालते में डूबे पार्टी नेता टिफिन पार्टी करके खुश हें। कोई नई देख रिया के जमीनी हकीकत क्या हे।

इसके मुकाबिल कांगरेस में कुछ ज्यादा एकजुटता नजर आ रई हे। पिरदेश कांगरेस अध्यक्ष कमलनाथ ने यूथ कांगरेस को हड़काया हेगा के पेले काम तो करो फिर चुनाव का टिकट मांगना। कांगरेस की असल समस्या जमीनी कारकताओं की कमी हे। सारी उम्मीदें वोटर पे टिकी हेगी के वो बीजेपी से नाराज होके कांगरेस को जिता देगा। बहरहाल वोटर को पटाने कोशिशें दोतरफा जारी हें। शिवराज सरकार ने ओरतों को हर महीने हजार रू. देने वाली लाड़ली भेना योजना पर अमल शुरू कर दिया हे। उम्मीद हे के लोगों ओरतों के हाथ में नकदी आएगी तो वोट भी कमल पे पड़ेगा। मगर इसकी गारंटी इस वास्ते नई हेगी के कांगरेस ने पावर में आने पे 1500 रू. महीना देने के लिए ‘नारी सम्मान योजना ‘की लाॅलीपाप लटका दी हे। हो सकता हे के चुनाव में भोत सी ओरतें इस उम्मीद में पंजे का बटन दबा दें। बता दें के 5.39 करोड़ की आबादी वाले मध्य प्रदेश में महिलाओं की तादाद 2.60 करोड़ से भी ज़्यादा है। इनमें 23 साल से लके 60 बरस तक की उमर वाली ओरतों की तादाद 2 करोड़ के आसपास हेगी। पिरदेश की विधानसभा में 18 सीटें ऐसी हैं जहां ओरतों की तादाद मर्दों से ज्यादा हे। ये सीटें ज़्यादातर सीटें आदिवासी इलाकों में हे। अगर इस स्कीम में भी किसान को पेसा पोंचाने वाली योजना की तरह भिरष्टाचार नई हुआ तो शिवराज सरकार की किस्मत चमक सकती हे। बीजेपी को अगली उम्मीद ‘मुख्यमंत्री युवा कौशल कमाई योजना’ जिसे मुख्य तौर पर ‘सीखो और कमाओ’ की तर्ज़ पर लागू किया जाना हे, से हे। बशर्तें के ये भी कहीं ‘खाओ कमाओ’ योजना में न बदल जाए।
विज्ञापन


दूसरी तरफ कांगरेस ने करमचारियों के वोटों में सेंध लगाने की नीयत से पुरानी पेंशन योजना को फिर लागू करने का दांव चल दिया हे। साथ में 100 यूनिट तक बिजली बिल माफ़ और 200 यूनिट तक बिजली बिल हाफ़’ का वादा भी कमाल दिखा सकता हे। मियां, लोक लुभावन ऐलानों की ये जंग अभी तो ओर चलेगी। क्योंकि वोटर के मन का अंदाजा अभी कोई को नई लग पा रिया। आगे आगे देखिए, होता हे क्या?

- बतोलेबाज  

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw।co।in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

विज्ञापन

 


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें