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मध्य प्रदेश: नदी की ‘तबाही’ रोकने उतरा राजगढ़ का बिट्टू, सीएम बोले-बदलाव के लिए भीड़ नहीं सच्ची पहल काफी

Sat, 05 Sep 2026 04:51 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

ब्यावरा के 20 वर्षीय बिट्टू तबाही ने अजनार नदी की गंदगी देखकर खुद सफाई का बीड़ा उठाया। उनकी पहल सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो आनंद महिंद्रा ने तारीफ की और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल बुलाकर सम्मान किया।  सीएम ने कहा कि बिट्टू ने पवित्र काम किया है। बिट्टू हमारा अपना छोटा बिट्टू है।
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भोपाल में बिट्टू ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसी ने नदी की गंदगी देखी तो नजरें फेर लीं, लेकिन ब्यावरा के 20 वर्षीय बिट्टू तबाही ने उसी गंदगी को देखकर कुछ करने का फैसला किया। अजनार नदी में जगह-जगह जमा प्लास्टिक, पूजा सामग्री और कचरे को देखकर बिट्टू खुद सफाई के लिए नदी में उतर गए। शुरुआत अकेले हुई, लेकिन उनकी कोशिश धीरे-धीरे मुहिम बन गई। आज वही बिट्टू अपनी सफाई की पहल को लेकर शहर से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुरेंद्र सिंह चौधरी ‘बिट्टू तबाही’  भोपाल बुलाया और उनकी पहल की सराहना की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्यावरा के बेटे बिट्टू ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प से सिर्फ अजनार नदी की सफाई ही नहीं की, बल्कि अपने प्रयासों से समाज को यह संदेश भी दिया है कि बदलाव के लिए बड़ी भीड़ नहीं, एक सच्ची पहल ही काफी है।
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उन्होंने बिट्टू से कहा कि आपकी यह पहल जल गंगा संवर्धन अभियान की भावना को भी मजबूत करती है, जिसका मूल उद्देश्य जनभागीदारी के साथ जल स्रोतों का संरक्षण एवं उनका पुनर्जीवन है। सीएम ने कहा कि मुझे विश्वास है कि अजनार नदी से शुरू हुआ आपका यह संकल्प प्रदेश के युवाओं को अपने आसपास के जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित करेगा। पूरे प्रदेश को आप पर गर्व है। उन्होंने कहा कि सरकार भी पिछले तीन साल से जल संरक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण पर काम कर रही है। इसमें कुएं, बावड़ियां, नदियां और तालाब शामिल हैं। बिट्टू ने मुख्यमंत्री से कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ लोगों को भी अपनी आदतों में बदलाव करना होगा।  

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30 हजार रुपए अपनी जेब से खर्च किए 
बिट्टू ने नदी की सफाई करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में अजनार नदी की पहले की स्थिति और सफाई के बाद बदली तस्वीर दिखाई गई। वीडियो वायरल हुआ तो कई लोगों ने उनकी कोशिश पर सवाल भी उठाए। कुछ लोगों ने कहा कि यह सब केवल व्यू और प्रचार के लिए किया जा रहा है। बिट्टू ने इन बातों पर ध्यान देने के बजाय अपना काम जारी रखा। उनकी मुहिम का असर यह हुआ कि अजनार नदी और उसके घाट की सफाई का अभियान आगे बढ़ा और दूसरे लोग भी इससे जुड़ने लगे। बिट्टू ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर सफाई का सामान और डस्टबिन खरीदने में करीब 30 हजार रुपये अपनी जेब से खर्च किए।

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खुद भी झेली मुश्किल, फिर भी नहीं रुके
नदी की सफाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होने से बिट्टू के हाथ में संक्रमण तक हो गया। इसके बावजूद उन्होंने अभियान नहीं छोड़ा। नदी से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करने के साथ पूजा सामग्री को भी अलग रखा जा रहा है। बिट्टू अब पूजा सामग्री से खाद बनाने की कोशिश भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि नदी को साफ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है, लेकिन जब तक लोग नदी में कचरा डालने की आदत नहीं बदलेंगे, तब तक स्थायी बदलाव मुश्किल है। उनका संदेश है कि जिस तरह लोग अपने घर को साफ रखते हैं, उसी तरह अपने आसपास और पर्यावरण को भी साफ रखना चाहिए। 

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आनंद महिंद्रा  भी कर चुके है तारीफ 
बिट्टू तबाही की अजनार नदी की सफाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मुहिम उद्योगपति आनंद महिंद्रा तक भी पहुंची। बिट्टू की कोशिश पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद महिंद्रा ने कहा कि लोग इस अभियान को लेकर कुछ भी कहें, लेकिन एक बात साफ है कि नदी की सफाई तो हुई। आनंद महिंद्रा ने बिट्टू को अपना ‘मंडे मोटिवेशन’ बताते हुए उनकी पहल की तारीफ की। उनके इस संदेश के बाद बिट्टू की मुहिम को सोशल मीडिया पर और ज्यादा चर्चा मिली। बिट्टू की कहानी इस बात का उदाहरण बन गई कि बदलाव के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी एक व्यक्ति का पहला कदम ही दूसरों को साथ आने के लिए प्रेरित कर देता है।
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