एनडीआरएफ के जवान (सांकेतिक तस्वीर)
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मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में बाढ़ में फंसे करीब 50 लोगों को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम शुक्रवार रात पहुंची। अशोकनगर के कलेक्टर अभय वर्मा ने शुक्रवार रात करीब 10 बजकर 45 मिनट पर पीटीआई को फोन पर बताया कि ‘एनडीआरएफ की एक टीम पहुंच गई है। एनडीआरएफ की दूसरी टीम रास्ते में है और जल्द मौके पर पहुंच जाएगी।’
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर बताया कि 'मैं मध्यप्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि की लगातार मॉनिटरिंग कर रहा हूं। अशोकनगर और गुना के जिला प्रशासन से भी लगातार संपर्क में हूं। अशोकनगर में टुमन और मंगावली गांव में फंसे सभी 40 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इन दोनों गांव में चल रहा ऑपरेशन सफल हो गया है।
इससे पहले शुक्रवार शाम को, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को फोन करके अशोकनगर जिले में बाढ़ में फंसे करीब 50 लोगों को बचाने के लिए एनडीआरएफ और सेना की टीमों को भेजने की गुहार लगाई थी। क्योंकि खराब मौसम के कारण वायुसेना के हेलिकॉप्टर उनकी मदद के लिए उड़ान नहीं भर सके।
शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया, ‘आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से टेलीफोन पर अशोकनगर में बाढ़ में फंसे लगभग 50 लोगों के बचाव को लेकर बात की। तेज बारिश के कारण भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे हैं, जिससे ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है।’
जिलाधिकारी वर्मा ने बताया कि ये लोग अशोकनगर एवं बहादुरपुर तहसीलों के पांच-छह गांवों में बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं। सेना एवं वायुसेना की टीमों के शनिवार सुबह तक इस बचाव अभियान में शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्रभावित गावों में पानी का स्तर लगातार नीचे आ रहा है।
उत्तर मध्यप्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। राज्य के अधिकारियों के अनुसार अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है।