सार
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और मैदानी प्रशासन की निगरानी के लिए शुरू किए गए मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के पहले महीने में प्रदेश में 5.64 लाख से अधिक सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निपटारा किया गया। वहीं लोक सेवा गारंटी के तहत 8.06 लाख से अधिक आवेदनों का भी निराकरण हुआ है।
अब जिलों में अधिकारियों की गतिविधियों और जनसंवाद की निगरानी ऑनलाइन होगी। कलेक्टरों को हर सोमवार तक पिछले सप्ताह की गतिविधियों की रिपोर्ट फोटो और कार्रवाई के विवरण के साथ पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनविश्वास पोर्टल का शुभारंभ किया
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और मैदानी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान पोर्टल का आगाज किया। 7 अगस्त को शुरू हुए इस अभियान के चार सप्ताह पूरे हो चुके हैं। अभियान के पहले महीने में प्रशासन ने 5,64,000 से अधिक सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निपटारा किया है। साथ ही, लोक सेवा गारंटी के तहत दर्ज 8,06,000 से अधिक आवेदनों का समाधान भी अधिकारियों ने सुनिश्चित किया है। अभियान के तहत जनप्रतिनिधि और अधिकारी हर सप्ताह मैदान में जाकर नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं।
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कलेक्टरों को हर सोमवार अपलोड करनी होगी रिपोर्ट
नए पोर्टल के माध्यम से अब जिलों की सभी प्रशासनिक गतिविधियों और उपलब्धियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा। जिला कलेक्टरों को शुक्रवार तक की सभी गतिविधियों की जानकारी अगले सोमवार तक अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। रिपोर्ट में अधिकारियों के भ्रमण, निरीक्षण, जनसंवाद, उद्यम संवाद, यशस्वी संवाद, इंफ्लुएंसर संवाद और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों की जानकारी शामिल रहेगी। संभागायुक्त इस पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे और समय पर जानकारी अपलोड होना सुनिश्चित करेंगे। सरकार ने सभी विभागों को मॉनिटरिंग के लिए लॉगिन आईडी प्रदान की है, जिससे उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी और राज्य स्तरीय समन्वय की आवश्यकता वाले मामलों को चिह्नित किया जाएगा।
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पोर्टल पर दर्ज ब्योरे और फोटो के नियम
पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली प्रत्येक गतिविधि की प्रामाणिकता दर्शाने के लिए अधिकारियों को फोटो भी अपलोड करना होगा। यूजर मैनुअल के अनुसार यह फोटो अधिकतम 1 एमबी आकार की होनी चाहिए और इसे जेपीजी, जेपीईजी या पीएनजी फॉर्मेट में स्वीकार किया जाएगा। अधिकारियों को भ्रमण, निरीक्षण और बैठकों की पूरी कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण अधिकतम 700 शब्दों में देना होगा। इसके साथ ही संवाद और बैठकों में दिए गए मुख्य निर्देशों तथा सुझावों को बिंदुवार दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। जनसंवाद के ब्योरे में आयोजन की तिथि, नेतृत्व करने वाले अधिकारी का नाम, स्थान, शामिल नागरिकों की अनुमानित संख्या और शिकायतों का विवरण देना होगा।
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नवाचारों और विशिष्ट संवादों का साझा मंच
राज्य सरकार ने पोर्टल में उद्यम संवाद और इंफ्लुएंसर संवाद के लिए अलग मॉड्यूल तैयार किए हैं। उद्यम संवाद में भाग लेने वाले उद्यमियों की संख्या, स्थान और कार्रवाई का विवरण दर्ज होगा। इसी प्रकार इंफ्लुएंसर संवाद में मौजूद इंफ्लुएंसर्स की संख्या, स्थल और कार्रवाई की जानकारी फोटो सहित अपलोड करनी होगी। पोर्टल पर जिलों के ऐसे प्रमुख नवाचारों को बुलेट पॉइंट में दर्ज किया जाएगा, जिन्हें अन्य जिले भी अपना सकें। इससे विभिन्न जिलों के बेहतर कार्यों और प्रशासनिक प्रयोगों को एक-दूसरे के साथ साझा करने का सुदृढ़ आधार तैयार होगा। इसके अतिरिक्त जिला स्तर से राज्य सरकार को भेजे जाने वाले नीतिगत सुझावों और महत्वपूर्ण निर्देशों को भी पोर्टल पर स्थान मिलेगा।