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कूनो चीता प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग पर सवाल: मौत की PM रिपोर्ट और दौरों का रिकॉर्ड मांगा, RTI, DFO को ट्रांसफर

Sat, 19 Sep 2026 01:03 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

कूनो चीता प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग को लेकर आरटीआई में चीतों की मौत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अधिकारियों के विदेशी दौरों का रिकॉर्ड मांगा गया है। वन्यजीव मुख्यालय ने आवेदन कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ को ट्रांसफर कर दिया। अब इसको लेकर आवेदनकर्ता ने मुख्यालय के अधिकारियो की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 
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आरटीआई कार्यकर्ता अजय दुबे ने वन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग को लेकर सवाल उठाए गए हैं। वन्यजीव मुख्यालय भोपाल में दाखिल आरटीआई आवेदन में कूनो में चीतों की मौत से जुड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चीता प्रोजेक्ट के तहत अधिकारियों के विदेशी दौरों से संबंधित दस्तावेज मांगे गए थे। मुख्यालय के लोक सूचना अधिकारी ने 17 सितंबर 2026 के आदेश के जरिए आवेदन कूनो राष्ट्रीय उद्यान के वनमंडलाधिकारी (DFO) को ट्रांसफर कर दिया है। आरटीआई आवेदक और वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने 1 जनवरी 2024 से सूचना दिए जाने की तारीख तक मृत चीतों से संबंधित रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी है। आवेदन में यह भी पूछा गया है कि चीतों की मौत के मामलों में जांच और पोस्टमार्टम से जुड़ी क्या कार्रवाई की गई। इसके अलावा कूनो नेशनल पार्क, गांधी सागर अभयारण्य और रानी दुर्गावती नौरादेही टाइगर रिजर्व में चीतों के संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के विदेशी दौरों के रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं। इनमें एनटीसीए तथा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से हुए पत्राचार और संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।
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दुबे का कहना है कि चीता प्रोजेक्ट के तहत अधिकारी विदेशों में अध्ययन और अनुभव के लिए जाते हैं तो इन दौरों से जुड़े रिकॉर्ड भी उपलब्ध होने चाहिए। उन्होंने चीतों की मौत के मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को महत्वपूर्ण दस्तावेज बताते हुए परियोजना की मॉनिटरिंग और पारदर्शिता पर सवाल उठाया है।
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हालांकि, मुख्यालय के आदेश में यह नहीं कहा गया है कि उसके पास मांगे गए रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। आदेश में केवल आरटीआई आवेदन को सूचना उपलब्ध कराने के लिए कूनो के DFO को अंतरित किया गया है। अब मांगी गई जानकारी कूनो राष्ट्रीय उद्यान के स्तर से उपलब्ध कराई जाएगी। दुबे ने कहा कि चीता प्रोजेक्ट से जुड़े मौत, पोस्टमार्टम, संरक्षण प्रबंधन और विदेशी दौरों के रिकॉर्ड सार्वजनिक होने चाहिए, ताकि परियोजना की मॉनिटरिंग और कामकाज में पारदर्शिता बनी रहे। 

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